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मुंबई । बॉलीवुड अभिनेत्री रानी मुखर्जी का कहना है कि भारतीय महिलाएं ही असली हीरो होती हैं। रानी का मानना है कि जब महिलाएं सशक्त होंगी, तभी देश मजबूत बन पाएगा। वह हमेशा से अपनी फिल्मों के जरिए भारतीय महिलाओं को सकारात्मक और सशक्त छवि में प्रदर्शित करना चाहती हैं। अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘मर्दानी 3’ में दमदार किरदार निभाकर रानी मुखर्जी इन दिनों चर्चा में है। एक खास चर्चा में रानी ने कहा, “जब से मैंने इस इंडस्ट्री में कदम रखा है, मेरा मकसद हमेशा भारतीय महिलाओं को उनकी असली रोशनी में दिखाना रहा है। चाहे वह पत्रकार हों, पुलिस अधिकारी हों, शिक्षक हों या गृहणी मेरे लिए वे सभी वास्तविक जीवन की मर्दानी हैं।” उन्होंने कहा कि फिल्मों के माध्यम से वह दुनिया को बताना चाहती हैं कि भारतीय महिलाएं कितनी मजबूत, खास और हकदार हैं। रानी मुखर्जी के अनुसार, महिलाओं का सशक्तीकरण सीधे देश की शक्ति से जुड़ा है। उन्होंने कहा, “जब भारतीय महिलाएं सशक्त होंगी, तो देश भी सशक्त होगा। इसलिए मैं हमेशा ऐसे किरदार चुनती हूं, जो महिलाओं की ताकत और हिम्मत को सामने लाते हैं।” अपने फिल्मी सफर की शुरुआत से ही रानी ने एक से बढ़कर एक प्रभावशाली महिला किरदार निभाए हैं। ‘राजा की आएगी बारात’ में रेप सर्वाइवर, ‘मेहंदी’ में सामाजिक अन्याय से लड़ने वाली महिला, ‘हिचकी’ में टॉरेट सिंड्रोम से जूझती अध्यापिका, ‘मर्दानी’ फ्रेंचाइज़ में निडर पुलिस अधिकारी शिवानी शिवाजी रॉय और ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ में अपने बच्चों के लिए पूरा सिस्टम चुनौती देने वाली मां देबिका—ये सभी किरदार समाज में महिलाओं की हिम्मत और संघर्ष को सामने लाते हैं। रानी का कहना है कि हर भारतीय महिला के भीतर एक अनोखी ‘सुपरपावर’ होती है। “भारतीय महिलाएं बेहद खूबसूरती से अपने कर्तव्यों का निर्वाह करती हैं, परिवार और करियर के बीच संतुलन बनाती हैं और हर चुनौती का हिम्मत से सामना करती हैं। यही उनके भीतर छिपी वास्तविक शक्ति है,” उन्होंने कहा। नेशनल अवॉर्ड विजेता रानी मुखर्जी रोजमर्रा की जिंदगी में संघर्ष करने वाली महिलाओं को अपनी प्रेरणा मानती हैं। उन्होंने कहा, “ये महिलाएं हर दिन हिम्मत के साथ आगे बढ़ती हैं और हर मुश्किल को पार करती हैं। मुझे अपने निभाए हर किरदार से प्रेरणा मिली है।” ‘मिसेज चटर्जी वर्सेज नॉर्वे’ की देबिका का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी महिलाएं आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बन जाती हैं।
