नई दिल्ली l राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक निजी चैनल से कहा है कि उनके आरोप हास्यास्पद हैं। मंत्रालयों में आरएसएस का कोई व्यक्ति नहीं है, उनमें मंत्री काम करते हैं।
ज्ञात रहे कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा भारतीय जनता पार्टी देश की संस्थागत संरचना के प्रमुख हिस्सों में अपने लोगों को बैठा रहे हैं और यहां तक कि मंत्रियों को भी अपने संबंधित मंत्रालयों में निर्णय लेने के लिए आरएसएस के लोगों के साथ काम करना पड़ता है।
लद्दाख के लेह शहर में राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में युवाओं के साथ बातचीत के दौरान उक्त टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि, ‘‘भारत में स्वतंत्रता की नींव संविधान है। आप संविधान के नजरिये का समर्थन करने वाली संस्थाओं की स्थापना करके संविधान को क्रियान्वित करते हैं। लोकसभा, राज्यसभा, योजना आयोग, सेना।। यह सभी इसके हिस्से हैं।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बीजेपी-आरएसएस अपने लोगों को संस्थागत संरचना के प्रमुख हिस्सों पर रख रही है। उन्होंने दावा किया, ‘‘यदि आप भारत सरकार के मंत्रियों के पास जाकर उनसे पूछते हैं कि क्या आप वास्तव में अपने मंत्रालयों में निर्णय ले रहे हैं? वे आपको बताएंगे कि आरएसएस के एक सज्जन हैं जिनके साथ हमें काम करना है, वे तय करते हैं कि हमारे मंत्रालय में क्या होना है।
राहुल गांधी की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक निजी चैनल से बातचीत में इस आरोप को हास्यास्पद बताया है।
लद्दाख के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी ने शनिवार को मोटरसाइकिल के जरिए पैंगोंग सो (झील) तक यात्रा की। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर कुछ तस्वीरें जारी की है जिनमें राहुल गांधी बाइकिंग पोशाक और हेलमेट पहने नजर आ रहे हैं और उनके साथ कुछ अन्य बाइकर भी दिख रहे हैं।
राहुल गांधी ने मोटरसाइकिल पर अपनी एक तस्वीर के साथ इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, पैंगोंग झील के बारे में मेरे पिता (राजीव गांधी) कहा करते थे कि यह दुनिया की सबसे खूबसूरत जगहों में से एक है।
