नोएडा । एटीएस को भी सीमा हैदर के आईएसआई जासूस होने पर शक है। यही वजह है कि यूपी एटीएस ने इस मामले की जांच शुरु कर दी है। इस तरह से प्यार में सरहद पार कर जाने वाली सीमा हैदर का मामला अब उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (यूपी एटीएस) के पास पहुंच गया है। यूपी एटीएस द्वारा उसके पास एक से अधिक पासपोर्ट होने से लेकर तमाम पहलुओं की जांच होगी। हालांकि, सीमा हैदर के आईएसआई जासूस होने का मामला लगातार गरमाया हुआ है। सोशल मीडिया पर कई प्रकार की चर्चा चल रही है। वहीं, पाकिस्तान से दुबई, फिर नेपाल के रास्ते ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा तक का सफर तय करने वाली सीमा हैदर के मसले में कई चीजों का खुलासा होना है। बगैर वीजा के भारत में प्रवेश करने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इन तमाम सवालों का जवाब यूपी एटीएस ढूंढ़ने का प्रयास करेगी।
यूपी एटीएस ने इस मामले में सीमा हैदर के मोबाइल कॉल डिटेल को खंगाला जा रहा है। उसकी सभी गतिविधियों को देखा जा रहा है। इसके अलावा उसके पाकिस्तानी संपर्कों की भी जांच की जा रही है। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत की रहने वाली सीमा हैदर की पबजी गेम के दौरान ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा निवासी सचिन मीणा से मुलाकात हुई। मोबाइल गेम से मामला बढ़ते-बढ़ते प्रेम संबंधों तक पहुंच गया। दोनों की नेपाल में मुलाकात हुई। इसके बाद सीमा हैदर अपने चार बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते भारत पहुंच गई। सीमा हैदर की ओर से वीजा नियमों में कड़ाई के कारण वीजा अप्लाई नहीं करने का दावा किया जा रहा है। पुलिस ने इस मामले में सीमा और सचिन को गिरफ्तार भी किया था, लेकिन दोनों को बाद में रिहा कर दिया गया। हालांकि, अब यह मामला नोएडा ही नहीं पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
गौरतलब है कि रबूपुरा के लोग सीमा हैदर को यहीं रहने देने की बात कर रहे हैं। दूसरी तरफ, सुरक्षा एजेंसियां अपने काम में जुट गई हैं। सीमा हैदर को लेकर आतंकी धमकी का भी मामला सामने आ गया है। इसी दौरान मुंबई पुलिस के ट्रैफिक कंट्रोल रूम को एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आने की बात कही जा रही है। उसने साफ तौर पर पाकिस्तानी महिला सीमा हैदर के अपने देश नहीं लौटने पर 26/11 जैसे आतंकवादी हमले की चेतावनी दी। अधिकारी ने बताया कि 12 जुलाई को फोन कॉल आया था। फोन करने वाले ने शुद्ध उर्दू में बात की और कहा कि नवंबर 2008 के मुंबई हमलों की तरह एक आतंकवादी हमला होगा।
