एक तरफ तो प्रशासन बड़ी-बड़ी बात कर रहा दूसरी तरफ स्थिति विपरीत है अव्यवस्थाओं के बीच दर्शन कर रहे हैं श्रद्धालु पहुंच मार्ग में कीचड़ से रेलम पेल

ujjain/abijeet dubey इस बार श्रावण भादो मास में बाबा महाकाल के मंदिर की व्यवस्था भगवान भरोसे ही रहेगी। प्रशासन समय रहते सभी व्यवस्थाएं पूर्ण करने की बात तो कह रहा है, लेकिन स्थितियां यह हैं कि शहर में हो रही रिमझिम बारिश ने ही मंदिर में की जाने वाली सभी व्यवस्थाओं को जैसे चौपट कर दिया है। वर्तमान में महाकाल मंदिर के जिम्मेदार भले ही श्रद्धालुओं को कितनी ही बढ़िया व्यवस्था होने के दावे कर ले, लेकिन एक ओर महाकाल मंदिर के कोटितीर्थ का पानी सड़ांध मार रहा है, वहीं दूसरी ओर महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग कीचड़ से भरे हुए हैं।
बता दें कि महाकाल मंदिर के सामने का मार्ग हो या फिर भारत माता और चारधाम मंदिर क्षेत्र महाकाल मंदिर विस्तारीकरण के तहत धीमी गति से चल रहे निर्माण कार्यों के चलते चारों ओर अव्यवस्थाएं साफतौर पर नजर आ रही हैं। ये अव्यवस्थाएं जिम्मेदारों को तो नजर नहीं आ रहीं, लेकिन इसके कारण श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में जरूर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। याद रहे कि श्रावण मास शुरू होने में अब महज एक सप्ताह का समय शेष है। 4 जुलाई 2023 से उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे। यदि इसी प्रकार के हालात रहे तो श्रद्धालुओं को कितनी अव्यवस्थाएं होंगी इसका अंदाजा साफतौर पर लगाया जा सकता है।
कुछ कीचड़ मे फंसे तो कुछ हुए चोटिल
बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए उज्जैन पहुंच रहे श्रद्धालु मंदिर के आसपास हो रहे कीचड़ के कारण सबसे अधिक परेशान हैं। सुबह भी कई यात्रियों की चप्पल कीचड़ में सन गई और कुछ फिसलकर चोटिल भी हुए। मंदिर के आसपास के क्षेत्र में न तो पानी की निकासी हो रही है और न ही कीचड़ साफ किया जा रहा है। लाइन में खड़े लोगों के बारिश से बचाव की भी अभी कोई व्यवस्था नहीं है।
