उज्जैन । मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष डॉक्टर गोविंद सिंह ने पत्रकारों को बताया कि शिवराज सिंह चौहान की सरकार सिंहस्थ भूमि, महाकाल लोक, में करोड़ों का भ्रष्टाचार किया है, मध्यप्रदेश में सरकार घोटालों में लगी है। जनता त्राहि माम कर रही है। प्रदेश के अस्पतालों में एम्बुलेंस तक नहीं मिल पाती। एक बाप को अपने बच्चे की लाश झोले में भरकर ले जाना पड़ रहा है। पति-पत्नी को ठेले पर अस्पताल ले जा रहा है। ऐसे दृश्य देखकर मन विचलित हो जाता है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बनी सरकार को खरीद फरोख्त कर गिरा कर पीछे के दरवाजे से सरकार बनाकर शिवराज मंचों पर नोटंकी कर रहे है। भाजपा अच्छे से समझ गई है कि बिदाई तय है। भारी भ्रष्टाचार चल रहा है।
उज्जैन महाकाल लोक –
भ्रष्टाचार में मध्यप्रदेश की सरकार ने भगवान महाकाल को भी नहीं छोड़ा। महाकाल लोक में हुए भ्रष्टाचार ने पूरे देश में मध्यप्रदेश की छवि को खराब किया है। जब भगवान ने प्रकृति से इनके घोटाले को खोला तब जो लोग पहले कह रहे थे कि महाकाल लोक एवं महाकाल में विकास कार्य करने का कार्य उनकी सरकार ने किया है, घोटाला खुलते ही वह कांग्रेस की योजना बताने लगे जबकि हम तो पहले से ही कह रहे है कि सबसे पहले कांग्रेस ने ही महाकाल में विकास एवं दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए 300 करोड़ की योजना दी थी जिसका नाम बदलकर शिवराज सरकार ने बड़ा भ्रष्टाचार किया है। जहाँ अष्ट धातु और पाषाण की मूर्तियाँ लगाना थी वहाँ मोदी से पीठ थपथपाने की जल्दबाजी में हल्के फाइबर की मूर्तियाँ लगाकर एक बड़ा भ्रष्टाचार किया है। इसकी उच्च स्तरीय जाँच होना ही चाहिए ।
सिंहस्थ जमीन घोटाला
प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री के नाम से सिंहस्थ की जमीन के घोटाले का बड़ा बोलवाला पूरे मध्यप्रदेश में हो रहा है। वर्ष 2016 में जहाँ सिंहस्थ लगा उन जमीनों को मास्टर प्लान के माध्यम से आवासी बनाकर स्वयं अपने परिवार एवं अपने भू-माफिया मित्रों को अरबों का मुनाफा पहुँचाया है। शिवराजसिंह की इसमें भागीदारी है तभी तो वे अलग-अलग बयान दे रहे हैं। कभी कहते है कि सिंहस्थ की 1 इंच भूमि भी हम आवासी नहीं होने देंगे और उसके बाद अधिसूचना जारी कर देते हो जब उनके ही सांसद, मंत्री, विधायक आपस में लड़ते है तो फिर बयान जारी कर देते है कि अभी तो मास्टर प्लान लागू ही नहीं हुआ है।
सचिवालय में आग लगी या लगाई –
जितने भी घपले-घोटाले सरकार में हुए हैं कांग्रेस की सरकार आने पर कहीं खुल न जाए व कई जिम्मेदारों को जेल ना जाना पड़े इसलिए सतपुड़ा भवन में साजिश रच कर आग लगाई गई है जिसमें करोड़ों रूपये का नुकसान तो हुआ है साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जलकर खाक हो गए। सबूत छिपाने का षडयंत्र था यह आगजनी ।
अघोषित बिजली कटौती –
मध्यप्रदेश में बिजली की अघोषित कटौती ने जनता को हैरान परेशान कर दिया है। एक तरफ तो महंगी बिजली दे रहे है और दूसरी तरफ अघोषित कटौती भी कर रहे है। सरकारी अस्पताल जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर बिजली कटौती की जा रही है।
उज्जैन पी-एच.डी काण्ड –
उज्जैन में विक्रम विश्वविद्यालय में पी-एच. डी. जैसे महत्वपूर्ण मामले में नकल से अपात्र व्यक्तियों को लाभ पहुँचाया गया । इस मामले में लोकायुक्त ने प्रकरण दर्ज किया है। यह उच्च शिक्षा में शर्मसार करने वाली बात है ।
कमलनाथ जी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की घोटाले और छपने वाली सरकार के विरोध में प्रदर्शन किए जा रहे है। आम जनता को राहत देने के लिए व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी प्रदेश की जनता के साथ मिलकर सड़कों पर उतर कर उग्र आन्दोलन भी करेगी। जिसकी समस्त जवाबदारी राज्य शासन की रहेगी।
इस अवसर पर कांग्रेस के उज्जैन के स्थानीय नेता , तराना की विधायक महेश परमार, घटिया के विधायक रामलाल मालवीय ,कांग्रेस उज्जैन ग्रामीण अध्यक्ष कमल पटेल, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष रवि राय, रवि भदोरिया ,पूर्व सांसद सत्यनारायण पवांर,
सहित कई नेता मौजूद थे।
