नई दिल्ली । दिल्ली में इनदिनों अधिकारों को लेकर उपराज्यपाल और आम आदमी पार्टी सरकार के बीच जंग थम नहीं रही है। ताजा मामला अधिकारियों की ट्रासफर-पोस्टिंग के अधिकार से जुड़ा है। इस बीच, पूर्व सांसद व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित ने दिल्ली सर्विसेज को लेकर केंद्र सरकार द्वारा लाए गए अध्यादेश को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देकर केजरीवाल सरकार पर हमला किया है।
उन्होंने कहा, ये केजरीवाल की विफल सरकार है। वहां भ्रष्टाचार में इतना फंस गए हैं कि इस देश के इतिहास में पहली बार किसी दिन कोई निर्वाचित मुख्यमंत्री 8-10 दिनों के लिए जेल जाएगा। समस्या यह है कि इससे ज्यादा असभ्य कोई सीएम नहीं है। आप दिल्ली या एलजी में किसी से भी पूछें, कोई भी उनसे (सीएम) बात करना पसंद नहीं करता, क्योंकि वहां खराब भाषा का इस्तेमाल करते हैं।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में ग्रुप-ए और दानिक्स कैडर के अधिकारियों के ट्रांसफर व उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिए केंद्र सरकार ने एक अध्यादेश जारी कर नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथारिटी का गठन कर दिया। यह अध्यादेश उस समय जारी हुआ है, जब हफ्तेभर पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में सेवाओं (पुलिस, पब्लिक आर्डर और भूमि को छोड़कर) पर नियंत्रण दिल्ली सरकार के हवाले किया है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने आरोप लगाया था कि केंद्र सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए अध्यादेश लाने की तैयारी कर रही है। अध्यादेश में कहा गया है, प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करने और सौंपे गए कार्यों का निर्वहन करने के लिए नेशनल कैपिटल सिविल सर्विस अथारिटी के नाम से एक प्राधिकरण होगा।’ अथारिटी में दिल्ली के मुख्यमंत्री चेयरमैन के तौर पर शामिल होगा।
