नई दिल्ली । लक्षद्वीप के राष्ट्रवादी कांग्रेस के सांसद मोहम्मद फैज़ल की संसद की सदस्यता सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले लोकसभा सचिवालय ने आज बहाल कर दी है।
मोहम्मद फैज़ल ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि, मैंने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। कल कोर्ट ने लिस्ट किया था। हमें केस वहां पहुंचने की उम्मीद नहीं थी, तो हमारे वकील ने स्पेशल मेंशन की कि मेंबरशिप अटकी हुई है। तो माननीय जज ने आज सुनवाई करने का आदेश दिया था। जज साहब ने सवाल किया था कि ये फंडामेंटल राइट में आता है या नहीं?
लक्षद्वीप के एनसीपी के सांसद ने कहा कि, आज पूरी तैयारी के साथ सुनवाई होनी थी। आज सुबह लोकसभा सेक्रेट्रिएट से कॉल आया कि मेंबरशिप बहाल हो गई है, आदेश मिला। आज मैं गया, मैंने साइन किया और पहला सेशन अटेंड किया।
फैजल ने कहा कि, वापस लोकसभा जाने में दो महीने लग गए। मुझे दो महीना बाहर रखा, इसकी वजह क्या है, मुझे आज भी नहीं पता। उन्होंने कहा कि, 11 जनवरी को देषी करार दिया गया था। मुझे 10 साल की सजा सुनाई गई थी। यह 25 जनवरी को हाइकोर्ट ने रद्द किया था।
उन्होंने कहा कि, मैंने लोकसभा सेक्रेट्रिएट में, ऑफिस में लगातार चक्कर काटे, क्योंकि मेरा यह हक है। लक्षद्वीप से मैं एक ही एमपी आता हूं। वहां के लोगों की समस्याओं को बाहर लाना मेरा हक और जिम्मेदारी है। मेरी सदस्यता छीनने का अधिकार नहीं है। सब जानने के बाद भी मेरी सदस्यता नहीं दी जा रही थी, इसलिए मुझे सुप्रीम कोर्ट जाना पड़ा।
