नई दिल्ली । दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने का सीधा असर भारत के एक्सपोर्ट सेक्टर पर पड़ रहा है। सितंबर 2021 के मुकाबले दिसंबर 2022 में मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट करीब 12 फ़ीसदी घट गया है। अमेरिका यूरोप समेत दुनिया के कई बड़े देशों में कारपेट एक्सपोर्ट करने वाले एक्सपोर्टर ओपी गर्ग चिंतित हैं। अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मंदी की वजह से विदेशी बाजारों में भारतीय कारपेट की डिमांड घटती जा रही है।
वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2021 के मुकाबले दिसंबर 2022 में कारपेट का एक्सपोर्ट -21.93% घट गया है।
अंतर्राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में मंदी का असर कारपेट समेत 13 प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट पर पड़ा है। दिसंबर 2021 के मुकाबले दिसंबर 2022 में सबसे ज्यादा -34.82% की गिरावट कॉटन यार्न और हथकरघा उत्पाद सेक्टर में दर्ज़ की गयी है। हैंडमेड कारपेट्स को छोड़कर हैंडीक्राफ्ट सेक्टर में गिरावट 30.97 प्रतिशत हुई है।
अभ्रक कोयला और अन्य खनिज के क्षेत्र में 23.66 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। रत्न और आभूषण सेक्टर में गिरावट 7.22 प्रतिशत दर्ज़ की गयी है। दरअसल वाणिज्य मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि अप्रैल से दिसंबर 2022 के दौरान जहां एक तरफ भारत से चीन एक्सपोर्ट घट गया है जबकि चीन से आयात बढ़ गया है। इस वजह से चीन के साथ व्यापार घाटा 100 बिलियन डॉलर के ऊपर चला गया है।
