I उज्जैन में तमाम सख्तियों के बीच चायना मांझे से पतंग उड़ाई जा रही है। मकर संक्रांति से पहले चायना मांझे पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद इसकी बिक्री नहीं रुकी है। चोरी छिपे शहर में मांझा बिक रहा है, इसी का नतीजा है कि 6 दिन में मांझे से हादसे की तीसरी घटना सामने आई है।
सोमवार को एक व्यक्ति का पैर चायना डोर में उलझकर कट गया। रविवार को होमगार्ड सैनिक सुजीत ठाकुर का गला चायना डोर में उलझकर कट गया। इससे पहले बुधवार को 6 साल की बच्ची का गला भी कट गया था। दोनों घायल हो गए।
राजेंद्र नगर निवासी बने सिंह घर के बाहर चौराहे पर पहुंचे, तभी उनके पैर में चायना डोर उलझ गई। वे डोर निकाल पाते, इतने में पतंगबाज ने डोर खींच दी। इससे उनके पैर की नस कट गई। घायल हालत में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। चायना मांझे को लेकर दस दिन में 9 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हो चुके हैं, लेकिन अभी भी चोरी छिपे-बिक रहे मांझे की वजह से लगातार हादसे हो रहे हैं।
पुलिस दो स्तर चायना मांझे के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। पहली, चायना मांझे से पतंग उड़ाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दूसरी- अब जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसमें अफसर से लेकर जवान तक शामिल हैं और जनता को जागरूक कर रहे हैं। कोतवाली थाना पुलिस की टीम को सीएसपी ओपी मिश्रा व टीआई एनबीएस परिहार ने माइक के साथ ई रिक्शा में बैठाकर जनजागरूकता के लिए रवाना किया।
