नई दिल्ली । भारत-पाक सीमा पर सुरक्षा बलों की कड़ी निगरानी के चलते पाकिस्तान ने हथियारों और ड्रग्स की तस्करी में बड़े पैमाने पर ड्रोन का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। पाकिस्तान अब ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में ड्रोन का अधिक से अधिक इस्तेमाल कर रहा है। यही वजह है पिछले साल के मुकाबले इस साल सीमा पर ड्रोन गतिविधियां दोगुनी हो गई हैं।
दरअसल, 2021 में जहां 109 ड्रोन की गतिविधियों को देखा गया था, वहीं इस साल सितंबर तक यह संख्या बढ़कर 214 हो गई है। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार गुजरात, जम्मू, पंजाब, राजस्थान और कश्मीर की सीमा पर ड्रोन एक्टिविटी देखी गई है। 2021 से इस साल सितंबर तक कुल 323 बार भारत पाक सीमा और नियंत्रण रेखा पर ड्रोन देखे गए हैं। भारत पाक सीमा की बात करें तो गुजरात सीमा के करीब 6 बार, जम्मू के करीब 51 बार, राजस्थान सीमा के करीब 24 बार और सबसे अधिक पंजाब सीमा के करीब 236 बार ड्रोन देखे गए हैं।
वहीं, एलओसी की बात करें तो 2021 से इस साल सितंबर तक जम्मू में दो बार और कश्मीर में 5 बार ड्रोन देखे गए हैं। इस साल अब तक सुरक्षा एजेंसियों ने कुल 11 ड्रोन मार गिराए हैं। खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, ड्रोन से हथियार और ड्रग्स भेजने के लिए पाकिस्तानी जासूस एजेंसी आईएसआई ने एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार ड्रोन हब तैयार किए हैं। सूत्रों के मुताबिक, सीमा पार स्मगलरों और आतंकियों के सहयोग से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने ऐसे ड्रोन सेंटर खोले हैं।
फिरोजपुर और अमृतसर के बीच कईं पाक बॉर्डर आउटपोस्ट पर ड्रोन एक्टिविटी देखी गई है। सूत्र बताते हैं कि सीमा के उस पार कई जगहों पर पाक रेंजर्स की मदद से स्मगलर ड्रोन उड़ाते हैं। वहीं, जीपीएस कंट्रोल वाले ड्रोन का ज्यादा इस्तेमाल पाकिस्तान के आतंकी और स्मगलर कर रहे हैं।
