जबलपुर । प्रदेश भर में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान में जितनी बुरी स्थिति है, विद्युत आपूर्ति के इतिहास ऐसी दुर्दशा कभी नहीं थी। प्रदेश अब तक की सर्वाधिक बुरी परिस्थितियों के दौर से गुजर रहा है। आलम ये है कि हालहीं में प्रदेश की राजधानी भोपाल में उस वक्त २० घंटे से ज्यादा विद्युत आपूर्ति बाधित रही जब स्वयं गृहमंत्री भोपाल के प्रवास पर थे। बड़े फाल्ट को सुधरवाने स्वयं सीएम को मैदान में उतरना पड़ा। इसके बावजूद ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के इस दावे कि विधायक संजय यादव ने पोल खोल दी कि प्रदेश में कहीं भी अघोषित बिजली कटौती नहीं होती यदि होती भी है तो १० मिनट में दुरुस्त हो जाती है। दरअसल उर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बोले कि अघोषित बिजली कटौती से
मप्र कोसो दूर हैं। पूरा एमपी रोशनी से जगमगा रहा है। चाहे दिन हो या रात, अब ऐसी बिजली नहीं गुल नहीं होती, जैसी पहले होती थी। कुछ देर लिए शहर पहुंचे ऊर्जा मंत्री तोमर बोले कि मप्र के अब कही भी अघोषित बिजली कटौती नहीं हो रही है। जितनी डिमांड है, उसकी पूर्ति की जा रही है। फिर भी यदि कही अघोषित बिजली कटौती की शिकायत आती है, तो उसका निराकरण हो रहा है। किसी ज़माने में २४ घंटों में कुछ देर ही बिजली के दर्शन होते थे, लेकिन आज स्थिति बिल्कुल बदल चुकी है।
गृह मंत्री के दौरे के वक्त क्यों गुल हुई बिजली…………
ऊर्जा मंत्री के इस बयान पर जबलपुर ग्रामीण क्षेत्र बरगी विधानसभा के विधायक संजय यादव ने चुटकी ली। यादव बोले कि मंत्रीजी बयान बिजली की ही तरह है। प्रदेश के लोगों को बिजली विभाग से जो भोगना पड़ रहा है, वह किसी
से कुछ छिपा नहीं है। अपनी नाकामियों को ढ़कने के लिए सरकार के मंत्री ऐसे बयानों का सहारा ले रहे है। यादव ने राजधानी भोपाल में गृहमंत्री अमित शाह के दौरे को भी याद दिलाया कि करीब २० घंटे बिजली गुल थी। विभाग के कमर्चारी फाल्ट नहीं सुधार पाए थे। अमित शाह का एक कार्यक्रम जनरेटर चलाकर हुआ। इसी तरह ग्रामीण इलाकों में कई घंटे बिजली कटौती बदस्तूर जारी है। समस्याएं जस की तस है। अनाप शनाप बिजली बिल भेजकर जनता को लूटा जा रहा है।
