चेन्नई । तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के एक आंखों के अस्पताल में सर्जरी के दौरान एक 6 वर्षीय बच्चे की सर्जरी में लापरवाही का मामला उजागर होने के बाद एक करोड़ रुपए का मुआवजा उसे पीड़ित परिवार को देना होगा। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) ने छह साल के बच्चे के माता-पिता को चिकित्सकीय लापरवाही के मामले में एक करोड़ रुपए का मुआवजा देने का आदेश दिया है। बच्चे की मौत चेन्नई के शंकर नेत्रालय में हो गई थी।
एक रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का जिक्र करने के बाद एनसीडीआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने अस्पताल और उसके डॉक्टरों को चिकित्सकीय लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजा देने का आदेश दिया है। ऑपरेशन के दिन बच्चे को सुबह 9 बजे खाली पेट अस्पताल ले जाया गया। उसे एक बिस्तर आवंटित किया गया और दोपहर 2 बजे ही ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। उसके माता-पिता ने आरोप लगाया था कि बच्चे को नौ घंटे से अधिक समय तक उपवास पर रखा गया था। जिससे उसे हाइपोग्लाइसेमिक हो गया था, जिससे संभावित रूप से कार्डियक अरेस्ट हो गया।
