इंदौर । कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के महापौर थे। उस समय पेंशन घोटाला हुआ था। जिसको लेकर प्रदेश में काफी हो हल्ला हुआ था। मध्य प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जैन आयोग से जांच कराई थी। जांच की रिपोर्ट शासन द्वारा अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।
सरकार द्वारा पेंशन घोटाले के दोषियों पर कोई कार्यवाही नहीं करने पर, कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कैलाश विजयवर्गीय और एमआईसी के तत्कालीन सदस्य रमेश मेंदोला के खिलाफ न्यायालय में परिवाद दायर किया था। 17 साल तक मध्यप्रदेश शासन द्वारा अभियोजन की स्वीकृति नहीं दी गई। फलस्वरुप पेंशन घोटाले को विशेष न्यायालय ने शासन की स्वीकृति नहीं मिलने के कारण इसे खारिज कर दिया है। 17 साल से पेंशन घोटाला मध्यप्रदेश में चर्चाओं में बना रहा। पिछले 17 सालों में पेंशन घोटाले के किसी भी दोषी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई। जैन आयोग की रिपोर्ट का भी कोई मतलब नहीं निकला।
