मुंबई । ड्रैगन की काली करतूत का बड़ा खुलासा मुंबई पुलिस ने किया है। मुंबई पुलिस ने फेक लोन ऐप के मामले की जांच में कई चौंका देने वाले खुलासे किए हैं। चीन के सायबर ठगों ने फर्जी लोन एप्लिकेशन के माध्यम से करोड़ों रुपए के साथ-साथ लाखों भारतीयों के डेटा भी चुरा लिए हैं। जांच एजेंसियों को शक है कि चुराए गए ये डाटा का इस्तेमाल आनेवाले वक्त में गलत तरीके से करते हुए किसी भी तरह की देशविरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। फेक लोन एप में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और खंगाले गए डेटा में जांच एजंसियों को तकरीबन ढाई लाख से ज्यादा लोगों के मोबाइल नम्बर, आधार, पैन, बैकिंग ट्रांजेक्शन, कोड तक हैक कर उन डाटा को चीन और हॉगकॉग के किसी सर्वर बैंक में छुपाकर रखने की जानकारी मिली है।
ढाई लाख लोगों के निजी जानकारियों की चोरी की शुरुआती जांच के दौरान यह बात उभरकर सामने आई है, जिसे अलग-अलग रूट्स एक-एक फाइल के रुप में स्टोर करते हुए चाइनीज ठगों तक पहुंचाया गया और फिर वो डेटा एक ऐसे सर्वर बैंक में स्टोर किया गया है, जिसका इस्तेमाल कभी चाइनीज हैकर्स वापस करते हुए आप के एकाउंट पर हाथ साफ कर सकते हैं। प्रॉक्सी वार के लिए भी इन डेटा का इस्तेमाल दोनों देशों का संबंध बिगड़ने पर कर सकते है। वहीं अर्थव्यवस्था तोड़ने के लिए भी फाइनेंशियल अटैक के लिए इन डाटा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
मुंबई साइबर सेल के डीसीपी हेमराज सिंह राजपूत ने बताया कि हमने मई महीने तक 105 सस्पेक्टेड एप आइडेंटिफाई किए है और तब से अब तक 255 एप टेक डाउन किए हैं। लेकिन हमने नोटिस किया कि कई सस्पेक्टेड एप्स अभी भी नाम बदलकर उसी कंफिगरेशन के साथ उसी प्लेटफार्म पर सक्रिय हुए हैं। ऐसे में हमने मुहिम शुरु की, जिसे हम मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, चाइनीज़ सायबर चोरी किए गए उन डेटा का इस्तेमाल कर दुबारा से पीड़ितों के बैंक अकाउंट को ख़ाली करने की कोशिश कर सकते हैं और अगर वो कामयाब हुए तो ये इतिहास की सबसे बड़ी ऑनलाइन ठगी होगी। इसकी वजह है कि एप्लिकेशन को गूगल से डिलीट किए जाने के बाद भी आज भी अलग-अलग बिजनेस, गेम, डिस्काउंट, लिक के नाम पर एप्लिकेशन लिंक भेजना और लोगों द्वारा उसका इस्तेमाल किया जाना।
डीसीपी का कहना है कि लिंक या एप के जरिए जब भी हम अलग-अलग तरह से आने वाले फर्जी लोन एप्लिकेशन को डाउनलोड करते हैं तो वो हमारे फ़ोन, कैमरा, डाटा, सबको वो एक्सेस देते हैं और सायबर ठग इसी का फायदा उठाते हैं। वह बताते हैं कि इससे बचने का केवल एकमात्र जरिया है, जरूरी परिकाशन्स लेना। लोन एप्लिकेशन एप के इस्तेमाल से बचें। उन्हें तुरंत डिलीट कर देना चाहिए और जितने भी एप्लिकेशन हैं, खासकर ऑनलाइन पेमेंट एप्लिकेशन उनका पासवर्ड बदले। कोई भी एप्लिकेशन को जब हम डाउनलोड करते हैं तो उसने तीन चीज़ पूछी जाती हैं डोंट अलाऊ, अलाऊ व्हाइल यूजिंग ऐप और आलवेज। उसमें से हमें सेटिंग में जाकर अलाऊ व्हाइल यूजिंग ऐप कर देना है, ताकि उसका एक्सेस कोई और ना ले सके।
