दतिया l भ्रष्टाचार के तीन साल पुराने मामले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम ऋतुराज सिंह चौहान ने बड़ैरासोपान वृत नायब तहसीलदार के रीडर (सहायक ग्रेड-३) महेश जाटव को रिश्वत लेने के अपराध में दोषी पाते हुए ४ साल के सश्रम कारावास एवं चार हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। मीडिया सेल प्रभारी एवं एडीपीओ प्रवीण गुप्ता ने बताया कि बड़ैरासोपान निवासी गौरीशंकर लोधी ने २९ दिसंबर २०१२ को एसपी लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर को शिकायत की थी जिसमें बताया था कि उसने ५ साल पहले दो बीघा ८ बिसरा जमीन जसवंत लोधी को बेची थी। दो-तीन महीने पहले उसे पता चला कि उसकी बड़ेरासोपान मौजे के पूरे नंबरों की जमीन पर जसवंत का नाम आ गया है। उस नाम को सुधरवाने के लिए नायब तहसीलदार भांडेर के यहां आवेदन दिया। तब नायब तहसीलदार के रीडर महेश जाटव ने उससे ३ हजार रुपए की रिश्वत मांगी। गौरीशंकर ने यह बात अपने बड़े भाई जगदीश सिंह को ग्वालियर आकर बताई और कहा कि वह रिश्वत नहीं देना चाहता था। इस कारण उसे रंगे हाथ पकड़वाने के लिए आवेदन दिया। लोकायुक्त पुलिस ने जांच कराई। शिकायत सही पाए जाने पर १ जनवरी २०१८ को आरोपी महेश भास्कर (जाटव) पुत्र किशुनलाल को कुल २ हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। विवेचना के दौरान भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। विशेष न्यायाधीश श्री चौहान ने आरोपी महेश को दोषी पाते हुए ४ साल की सजा व ४ हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया।
