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सिविल इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के एकीकरण पर विशेषज्ञों ने साझा किए महत्वपूर्ण विचार
इंदौर: ओरिएंटल यूनिवर्सिटी, के सिविल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा 17 से 22 अगस्त 2026 तक छह दिवसीय एआईसीटीई–एटीएएल संकाय विकास कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “सिविल इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से एकीकृत इंजीनियरिंग समाधान” था। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सिविल इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आधुनिक तकनीकों के प्रभावी उपयोग के संबंध में शिक्षकों को नवीनतम ज्ञान, तकनीकी जानकारी एवं व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करना था।
छह दिवसीय कार्यक्रम के दौरान देश के प्रतिष्ठित संस्थानों एवं विभिन्न विशेषज्ञ क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञों एवं विषय विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी व्याख्यान, प्रस्तुतियां एवं संवादात्मक सत्र आयोजित किए गए। विशेषज्ञों ने भू-तकनीकी अभियांत्रिकी, सुदूर संवेदन, भौगोलिक सूचना प्रणाली, भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, सतत अभियांत्रिकी तथा सिविल इंजीनियरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं मशीन लर्निंग के अनुप्रयोगों सहित विभिन्न समकालीन विषयों पर प्रतिभागियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
कार्यक्रम में विभिन्न संस्थानों से आए शिक्षकों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। विशेषज्ञों के साथ संवाद एवं प्रश्नोत्तर सत्रों के माध्यम से प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों के उपयोग, उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग तथा शिक्षण एवं शोध के क्षेत्र में उनकी संभावनाओं को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को पारंपरिक इंजीनियरिंग प्रक्रियाओं के साथ उभरती हुई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीकों के प्रभावी एकीकरण के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को कक्षा आधारित तकनीकी सत्रों के साथ-साथ व्यावहारिक एवं क्षेत्रीय अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से औद्योगिक एवं तकनीकी भ्रमण भी कराया गया। कार्यक्रम के अंतिम दिन सभी प्रतिभागियों ने नेत्रेक्स (NATREX), इंदौर का शैक्षणिक एवं तकनीकी भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों को संस्थान की अत्याधुनिक परीक्षण सुविधाओं, तकनीकी अवसंरचना एवं विभिन्न इंजीनियरिंग गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। इस भ्रमण ने प्रतिभागियों को सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक तकनीकी एवं औद्योगिक अनुप्रयोगों से जोड़ने का अवसर प्रदान किया।
नेत्रेक्स भ्रमण के पश्चात प्रतिभागियों ने बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी मूल्यांकन एवं चिंतन पत्रिका की गतिविधियां पूर्ण कीं। इसके बाद छह दिवसीय कार्यक्रम के समापन अवसर पर समापन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में कार्यक्रम के दौरान प्राप्त ज्ञान, अनुभव एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया तथा प्रतिभागियों को सफल सहभागिता के लिए प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।
यह कार्यक्रम श्री प्रवीण ठकराल, माननीय कुलाधिपति; प्रो. (डॉ.) ध्रुव घई, माननीय सह-कुलाधिपति; श्री गौरव ठकराल, माननीय सह-कुलाधिपति; प्रो. (डॉ.) गरिमा घई, माननीय मुख्य प्रबंध निदेशक; प्रो. (डॉ.) अमोल गोरे, माननीय कुलपति; एवं श्री अजयेंद्र नाथ, उप-पंजीयक, ओरिएंटल यूनिवर्सिटी, इंदौर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. शैलेन्द्र सिंह, संयोजक, एआईसीटीई–एटीएएल संकाय विकास कार्यक्रम; डॉ. चैतन्य मिश्रा, समन्वयक, एआईसीटीई–एटीएएल संकाय विकास कार्यक्रम; एवं सुश्री चैताली गंगवाल, सह-समन्वयक, एआईसीटीई–एटीएएल संकाय विकास कार्यक्रम के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम की सफलता में सिविल इंजीनियरिंग विभाग एवं आयोजन टीम के सदस्यों श्री अजीत शर्मा, सुश्री वंदना राजोरिया एवं सुश्री अदिति चौरसिया का महत्वपूर्ण योगदान रहा। छह दिवसीय इस संकाय विकास कार्यक्रम का सफल आयोजन ओरिएंटल यूनिवर्सिटी की तकनीक आधारित शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान एवं आधुनिक अभियांत्रिकी शिक्षा को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
