श्री चिंतामण हनुमान मंदिर में श्रीराम मंदिर निर्माण का शुभारंभ
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रायपुर। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए बेहद खास माना जाता है। आज सावन का आखिरी सोमवार है। इस दिन शिव भक्त जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, मंत्र जाप और व्रत के साथ भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए कई विशेष उपाय करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार को श्रद्धा के साथ किए गए उपायों से जीवन की परेशानियां कम हो सकती हैं और सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
सुबह स्नान करने के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान शिव का ध्यान करें। शिवलिंग पर गंगाजल या साफ जल अर्पित करें और इसके बाद बेलपत्र चढ़ाएं। बेलपत्र अर्पित करते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यता है कि इससे भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।
यदि कोई मनोकामना लंबे समय से पूरी नहीं हो रही है तो आज शिव मंदिर जाकर श्रद्धा के साथ जलाभिषेक करें। शिवलिंग पर बेलपत्र और सफेद फूल अर्पित करें। इसके बाद कुछ समय शांत बैठकर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें और भगवान शिव से अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करें।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा से संबंधित परेशानी होने पर आज शिवलिंग पर दूध और जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। भगवान शिव के सामने बैठकर ‘ॐ सोम सोमाय नमः’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें। सफेद फूल अर्पित करने और जरूरतमंद व्यक्ति को दूध, चावल या चीनी का दान करने की भी मान्यता है।
धन संबंधी परेशानियों से राहत की कामना के लिए आज भगवान शिव का जलाभिषेक करें और शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करें। शाम के समय भगवान शिव के सामने घी का दीपक जलाकर शिव मंत्र का जाप करें। अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद को भोजन या आवश्यक वस्तु का दान करें।
विवाहित लोग वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और आपसी प्रेम बनाए रखने के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर सकते हैं। शिवलिंग पर जल अर्पित करने के बाद माता पार्वती का ध्यान करें और परिवार में सुख-शांति की प्रार्थना करें। कुंवारी कन्याएं भी अच्छे जीवनसाथी की कामना से भगवान शिव की पूजा करती हैं।
आज शाम घर के पूजा स्थान में घी का दीपक जलाएं। भगवान शिव का ध्यान करते हुए शिव चालीसा या रुद्राष्टक का पाठ करें। इसके बाद परिवार के सभी सदस्यों की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें।
आज दान-पुण्य का भी विशेष महत्व माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन, कपड़े, दूध, चावल, चीनी या अन्य आवश्यक सामग्री का दान कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार सेवा और दान से मन को शांति मिलती है।
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए शिवलिंग पर जल या गंगाजल चढ़ाएं। दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक भी किया जा सकता है। इसके बाद बेलपत्र, सफेद फूल, चंदन और अक्षत अर्पित करें।
पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। इसके बाद शिव चालीसा, रुद्राष्टक या भगवान शिव की आरती करें। शाम को भी भगवान शिव के सामने दीपक जलाकर पूजा और मंत्र जाप किया जा सकता है।
आज के प्रमुख मुहूर्त इस प्रकार हैं—
पूजा के समय को लेकर स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें, क्योंकि स्थान के अनुसार मुहूर्त में अंतर हो सकता है।
व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह स्नान के बाद संकल्प लें। अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार या जलाहार व्रत रखा जा सकता है। कई धार्मिक परंपराओं में सोमवार के व्रत के दौरान अनाज और नमक का सेवन नहीं किया जाता। व्रत के दौरान सात्विक विचार रखें और क्रोध, अहंकार तथा नकारात्मक भावनाओं से दूर रहने का प्रयास करें।
नोट: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित परंपराओं पर आधारित है। उपायों को लेकर अलग-अलग परंपराओं और पंचांगों में अंतर हो सकता है। किसी विशेष पूजा या अनुष्ठान के लिए स्थानीय विद्वान या आचार्य की सलाह लेना उचित है।
