गुना:
गुना रेलवे स्टेशन और ईएन (EN) कार्यालय के समीप स्थित अंडरपास की जर्जर स्थिति को लेकर यात्री सेवा संगठन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष एवं पूर्व पश्चिम मध्य रेलवे रेल उपभोक्ता परामर्शदात्री समिति (XZRUCC) के सदस्य सुनील आचार्य ने मंडल रेल प्रबंधक (DRM) भोपाल सहित संबंधित इंजीनियरिंग अधिकारियों को पत्र लिखकर तत्काल निरीक्षण और जीर्णोद्धार की मांग की है।
रेलवे स्टेशन से लगभग 200 मीटर की दूरी पर स्थित यह अंडरपास श्रीराम कॉलोनी सहित दर्जनों कॉलोनियों के हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों और रेल कर्मियों के लिए आवागमन का एक प्रमुख और सुगम मार्ग है। इस मार्ग पर दिन-रात भारी आवाजाही बनी रहती है।
प्रमुख समस्याएं और खतरे
छत से पानी का रिसाव: अंडरपास के ऊपर से कोटा-बीना और इंदौर रेल लाइनें गुजरती हैं। वर्तमान में कंक्रीट की छत की स्थिति अत्यंत दयनीय है, जिससे वर्षा के दौरान लगातार पानी टपकता रहता है और राहगीरों को भारी असुविधा होती है।
गिट्टी और कंक्रीट गिरने की आशंका: स्थानीय निवासियों की शिकायतों के अनुसार, ट्रेनों के गुजरने के समय अंडरपास की छत से कंक्रीट के टुकड़े और गिट्टी नीचे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
सड़क पर गहरे गड्ढे: अंडरपास के भीतर और दोनों छोर पर सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बारिश का पानी भरने से गड्ढों की गहराई का अनुमान नहीं लग पाता, जिससे वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का जोखिम बढ़ गया है। पूर्व में डस्ट डालकर किए गए अस्थायी सुधार के बाद भारी वाहनों के दबाव से स्थिति पुनः खराब हो गई है।
स्थायी समाधान की मांग
सुनील आचार्य ने स्पष्ट किया है कि यह क्षेत्र के हजारों नागरिकों और दैनिक यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा एक महत्वपूर्ण जनहित का मामला है। उन्होंने रेलवे प्रशासन से निम्नलिखित बिंदुओं पर त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया है:
अंडरपास का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कराया जाए।
छत से हो रहे पानी के रिसाव को स्थायी रूप से रोका जाए।
छत की संरचनात्मक सुरक्षा की जांच कर आवश्यक मरम्मत कराई जाए।
अंडरपास के भीतर और दोनों ओर की सड़कों का उच्च गुणवत्ता के साथ स्थायी निर्माण किया जाए।
जनसुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए स्थानीय नागरिकों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से इस मामले में शीघ्र ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की है।