चक्रवात ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश में मचाई तबाही, कई मकान क्षतिग्रस्त; मुख्यमंत्री नायडू ने अमित शाह को लिखा पत्र
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नागदा। माधव एक्सप्रेस,चंबल नदी स्थित नयन डैम में नवविवाहिता नीतू उर्फ सौम्या की डूबने से हुई मौत के चर्चित मामले में अपर सत्र न्यायाधीश, नागदा की अदालत ने आरोपी ससुर अशोक दुबे एवं सास रीता दुबे को सभी आरोपों से दोषमुक्त कर दिया। विवाह के लगभग डेढ़ माह बाद नवविवाहिता का शव नयन डैम में मिलने के बाद दोनों पर दहेज हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
प्रकरण की जानकारी देते हुए अधिवक्ता मुकेश मिश्रा (मन्नू) ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 11 गवाहों के बयान दर्ज कराए। हालांकि मृतका के परिजन भी अदालत में दहेज की मांग या प्रताड़ना के आरोपों का समर्थन नहीं कर सके। अदालत ने माना कि अभियोजन दहेज मांग, क्रूरता और दहेज मृत्यु से जुड़े आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में असफल रहा।
इसी आधार पर न्यायालय ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 80(2)/3(5), 108, 85 तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 एवं 4 के तहत लगाए गए आरोपों से दोनों आरोपियों को बरी कर दिया। जानकारी के अनुसार, अशोक दुबे और रीता दुबे 21 जनवरी 2026 से न्यायिक अभिरक्षा में थे। न्यायालय ने 14 जुलाई 2026 को अपना निर्णय सुनाते हुए दोनों को दोषमुक्त कर दिया।
प्रकरण में दुबे दंपति की ओर से अधिवक्ता महेंद्र सोलंकी एवं मुकेश मिश्रा (मन्नू) ने पैरवी की, जबकि अधिवक्ता आदित्य उपाध्याय और दीपा गहलोत ने सहयोगी अधिवक्ता के रूप में पक्ष रखा।
