*’ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा’ के 15 साल: एक्सेल एंटरटेनमेंट और द नॉइज़ कल्चर लेकर आए खास कलेक्टर्स मर्चेंडाइज़*
रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर की एक्सेल एंटरटेनमेंट भारत के सबसे प्रतिष्ठित प्रोडक्शन हाउस में से एक है, जिसने अलग-अलग शैलियों में हिंदी सिनेमा को कई यादगार और सुपरहिट फिल्में दी हैं। इनमें सबसे खास फिल्मों में शामिल है ‘ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा’, जिसका निर्देशन ज़ोया अख्तर ने किया था। फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले ज़ोया अख्तर और रीमा कागती ने लिखा, संवाद फरहान अख्तर ने लिखे, गीत जावेद अख्तर ने लिखे और संगीत शंकर–एहसान–लॉय की मशहूर तिकड़ी ने दिया।
फिल्म में ऋतिक रोशन, फरहान अख्तर और अभय देओल मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। वहीं कैटरीना कैफ और कल्कि कोचलिन ने भी अहम किरदार निभाए थे। रिलीज़ के 15 साल बाद भी यह फिल्म दर्शकों के बीच उतनी ही पसंद की जाती है और इसकी कहानी आज भी लोगों से गहराई से जुड़ती है।
फिल्म के 15 साल पूरे होने के मौके पर एक्सेल एंटरटेनमेंट ने द नॉइज़ कल्चर (टीएनसी) के साथ मिलकर ‘ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा’ का एक्सक्लूसिव लिमिटेड-एडिशन मर्चेंडाइज़ कलेक्शन लॉन्च किया है। इस खास कलेक्शन के जरिए फैंस अपनी पसंदीदा फिल्म की यादों को अपने साथ संजो सकेंगे।
ZNMD 15 कलेक्शन में फिल्म से प्रेरित खास टी-शर्ट्स, पासपोर्ट कवर, बैग टैग और टोट बैग शामिल हैं। इन सभी डिज़ाइनों में फिल्म के यादगार पलों और मशहूर डायलॉग्स की झलक देखने को मिलेगी। इस कलेक्शन की प्री-ऑर्डर बुकिंग शुरू हो चुकी है।
भारत के प्रमुख ऑफिशियल लाइसेंस्ड म्यूज़िक मर्चेंडाइज़ प्लेटफॉर्म के तौर पर द नॉइज़ कल्चर (टीएनसी) कलाकारों और कंटेंट राइट्स होल्डर्स के साथ मिलकर ऐसे कलेक्टिबल्स तैयार करता है, जिन्हें फैंस बेहद पसंद करते हैं। ZNMD 15 कलेक्शन के जरिए टीएनसी ने भारतीय सिनेमा की सबसे पसंदीदा फिल्मों में से एक की यादों को खास मर्चेंडाइज़ का रूप दिया है, ताकि फैंस उन्हें हमेशा अपने पास संजोकर रख सकें।
पिछले 15 वर्षों में ‘ज़िंदगी ना मिलेगी दोबारा’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान बन चुकी है। इसके यादगार डायलॉग्स, शानदार संगीत, बेहतरीन किरदार और जिंदगी को खुलकर जीने का संदेश आज भी हर पीढ़ी के दर्शकों को प्रेरित करता है। यह लिमिटेड-एडिशन कलेक्शन उसी सदाबहार फिल्म को एक खास श्रद्धांजलि है, जिसकी लोकप्रियता और विरासत समय के साथ और भी मजबूत होती जा रही है।