पेट्रोल पंप मित्र मंडल ने धूमधाम से की गणपति बप्पा की स्थापना
Spread the loveपेट्रोल पंप मित्र मंडल ने धूमधाम...
Spread the loveपेट्रोल पंप मित्र मंडल ने धूमधाम...
Spread the love इंदौर | 15 सितंबर 2026इंदौर...
Spread the loveगरियाबंद। गरियाबंद जिले में पुलिस विभाग...
विशेष संवाददाता, रायपुर
छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अवैध नल कनेक्शनों को वैध (नियमित) कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके लिए विभाग द्वारा एक सरलीकृत प्रक्रिया तय की गई है। नगर पालिक अधिनियम 1956 के नियमों के तहत ली जाने वाली इस कार्रवाई में लापरवाही बरतने वालों और कनेक्शन वैध न कराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह होगी नियमितीकरण की दरें
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, अवैध कनेक्शनों को वैध कराने के लिए उपभोक्ताओं को शुल्क का भुगतान करना होगा:
आवासीय कनेक्शन: 5,000 रुपये नियमितीकरण शुल्क के साथ नया नल कनेक्शन शुल्क जमा करना होगा।
व्यवसायिक कनेक्शन: 15,000 रुपये नियमितीकरण शुल्क के साथ नया नल कनेक्शन शुल्क देय होगा।
आवेदन के लिए यह शर्तें हैं अनिवार्य
अवैध कनेक्शन को नियमित कराने के लिए हितग्राहियों को नगर निगम द्वारा निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। इसके साथ ही पूरी निर्धारित राशि एकमुश्त (एक साथ) जमा करनी होगी। उपभोक्ताओं के लिए अपने नल कनेक्शन को प्रापर्टी टैक्स आईडी (Property Tax ID) से लिंक कराना भी अनिवार्य किया गया है।
अमृत मिशन और स्मार्ट सिटी के कनेक्शन अवैध नहीं
निगम ने स्पष्ट किया है कि ‘अमृत मिशन योजना’ और ‘स्मार्ट सिटी योजना’ के तहत दिए गए नल कनेक्शन अवैध श्रेणी में नहीं माने जाएंगे। इस योजना के उपभोक्ता अपने कनेक्शन को संयोजन वर्ष (जिस साल कनेक्शन लगा है) से निगम की डिमांड पंजी में दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमितीकरण की यह प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से प्रारंभ की जा रही है। जो भी उपभोक्ता निर्धारित समय सीमा में अपने अवैध कनेक्शन को वैध नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
