नई दिल्ली। भारत अब फिलीपींस और वियतनाम समेत तीन देशों को ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात करने के लिए तैयार है। इसके अलावा, भारत ब्रह्मोस के निर्यात के लिए कम से कम आधा दर्जन अन्य देशों के साथ भी बातचीत कर रहा है। शीर्ष अधिकारियों ने बताया कि भारत, इंडोनेशिया को 200 मिलियन डॉलर की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की दो बैटरी की आपूर्ति करने के लिए तैयार है। यह आपूर्ति दोनों देशों के बीच मंगलवार को हुए रक्षा समझौतों का हिस्सा है, जिनमें एस्ट्रा एयर-टू-एयर मिसाइल सिस्टम, डिफेंस टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और समुद्री सुरक्षा शामिल हैं। एक ब्रह्मोस बैटरी में आमतौर पर चार लॉन्चर और 12 दागने के लिए तैयार मिसाइलें होती हैं, साथ ही अन्य उपकरण और वाहन भी होते हैं। इसके साथ ही, भारत अब फिलीपींस और वियतनाम समेत तीन देशों को ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात करने के लिए तैयार है। भारत ब्रह्मोस के निर्यात के लिए कम से कम आधा दर्जन अन्य देशों के साथ भी बातचीत कर रहा है।
फिलीपींस ने 2022 में भारत से तीन प्रकार की हथियार प्रणालियां खरीदी थीं। मई 2026 में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर के शांगरी-ला संवाद में आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि भारत ने वियतनाम के साथ ब्रह्मोस मिसाइलों की बिक्री के लिए एक समझौता किया है और इंडोनेशिया के साथ इसी तरह का समझौता अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा था कि देश आम तौर पर उन्नत हथियार प्रणालिययां और प्लेटफॉर्म उन देशों को बेचते हैं जिन्हें वे मित्र या सहयोगी मानते हैं। इस समझौते की डीटेल्स पर पिछले साल नवंबर में नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके इंडोनेशियाई समकक्ष की सह-अध्यक्षता में हुए तीसरे भारत-इंडोनेशिया रक्षा मंत्रियों के संवाद के दौरान चर्चा की गई थी।
ब्रह्मोस एयरोस्पेस 10 देशों को करेगा निर्यात
ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड मिसाइल प्रणाली और इसके कॉम्पैक्ट नेक्स्ट-जेन संस्करण ब्रह्मोस एनजी को दक्षिण अफ्रीका और पश्चिम एशियाई देशों जैसे सऊदी अरब, यूएई और मिस्र सहित कम से कम 10 देशों को निर्यात करने की योजना बना रही है। मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइलों की मारक क्षमता को जमीनी हमलों के लिए 290 किमी से बढ़ाकर 500 किमी और जहाजी हमलों के लिए 400 किमी करने का काम चल रहा है।
