इंदौर (डॉ. जैनेन्द्र जैन / माधव एक्सप्रेस) । शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-31, एस. ए. एफ. लाइन, इंदौर में पदस्थ उच्च श्रेणी शिक्षक श्री संतोष कुमार जैन ‘गुरुजी’ 43 वर्ष 6 माह और 24 दिन की सुदीर्घ एवं निष्कलंक शासकीय सेवा पूर्ण कर 30 जून 2026 को सेवानिवृत्त हो गए हैं। उनके सेवानिवृत्त होने पर शिक्षा जगत, उनके शिष्यों और परिचितों द्वारा उनके योगदान की सराहना की गई।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और प्रारंभिक जीवन
जुलाई 1964 में मध्य प्रदेश के सागर जिले के ग्राम कजिया में जन्मे श्री संतोष कुमार जैन ने अपनी प्राथमिक शिक्षा कजिया से पूर्ण की। इसके पश्चात उन्होंने जैन गुरुकुल, खुरई से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की। लौकिक शिक्षा के साथ-साथ उन्होंने पंडित बाबूलाल जैन ‘फरसा’ के मार्गदर्शन में जयपुर एवं इंदौर से धार्मिक व सांस्कृतिक शिक्षा भी ग्रहण की। उन्होंने आई.टी.आई. (अंग्रेजी स्टेनोग्राफी) के बाद बी.ए., एल.एल.बी., एम.ए. (अंग्रेजी साहित्य एवं समाजशास्त्र) और बी.एड. जैसी उच्च शैक्षणिक डिग्रियाँ प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण कीं।
गौरवशाली सेवाकाल का सफर
श्री संतोष कुमार जैन के शासकीय सेवाकाल की शुरुआत 8 दिसम्बर 1982 को शासकीय माध्यमिक विद्यालय, चितोड़ा (सागर) में उप-शिक्षक के रूप में हुई थी। इसके बाद उनका स्थानांतरण इंदौर हुआ, जहाँ उन्होंने विभिन्न विद्यालयों में अपनी सेवाएँ दीं:
1990 से 1999: शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-55, नूरीश बागार, इंदौर।
1999 (10 माह): शासकीय माध्यमिक विद्यालय, तिल्ली खुर्द।
2000 से 2023: शासकीय माध्यमिक विद्यालय, हुकमखेड़ी (राजगढ़ क्षेत्र) में लंबा सेवाकाल।
अक्टूबर 2023 से जून 2026: पदोन्नति के पश्चात शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-31, एस. ए. एफ. लाइन, इंदौर में उच्च श्रेणी शिक्षक के रूप में कार्य किया।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
पारिवारिक जीवन में श्री संतोष कुमार जैन की धर्मपत्नी श्रीमती वंदना जैन हैं। उनके परिवार में दो पुत्र हैं—इंजीनियर शुभम जैन (पुत्रवधू प्रियंशु जैन व पौत्र विद्यित) एवं इंजीनियर सम्यक जैन (पुत्रवधू साक्षी जैन)
शिक्षा में योगदान
अपने चार दशक से अधिक लंबे सेवाकाल के दौरान श्री संतोष कुमार जैन ने विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ नैतिक मूल्यों, अनुशासन और चरित्र निर्माण पर विशेष बल दिया। उनके पढ़ाए हुए अनेक विद्यार्थी आज समाज और राष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। विदाई के इस अवसर पर शुभचिंतकों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद भविष्य की कामना की है।
