वैदिक मंत्रोच्चार और पुष्पमालाओं के साथ किया गया भव्य स्वागत; शर्मा बोले
पंडितों का अपमान और शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा!
मां बगलामुखी धाम में आयोजित बैठक के दौरान पत्रकार राजेश शर्मा का माल्यार्पण कर अभिनंदन करते पूज्य पंडित एवं पुरोहित गण।
नलखेड़ा:विश्व प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां बगलामुखी मंदिर परिसर में कर्मकांड करने वाले अपंजीकृत पंडितों एवं पुरोहितों के हक और अधिकारों की लड़ाई को शासन-प्रशासन के समक्ष प्रखरता से उठाने वाले वरिष्ठ पत्रकार राजेश शर्मा को सर्वसम्मति से बगलामुखी अपंजीकृत पंडित समाज का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। मंदिर परिसर में आयोजित पंडित-पुरोहितों की एक विशेष बैठक में प्रस्ताव पारित कर यह सर्वसम्मत निर्णय लिया गया।
अध्यक्ष पद पर नियुक्ति की घोषणा होते ही समूचा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और मां बगलामुखी के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित सभी पूज्य ब्राह्मणों एवं पंडितों ने राजेश शर्मा को साफा बाँधकर, पुष्पमालाएं पहनाकर एवं आशीर्वाद प्रदान कर उनका भव्य स्वागत किया और शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
अध्यक्ष बनने पर राजेश शर्मा का तीखा प्रहार व संकल्प
मां बगलामुखी मंदिर में कर्मकांड करने वाले पंडितों का सम्मान सर्वोपरि है। पंडितों के बैठने की उचित व्यवस्था हो, उनके सम्मान की रक्षा हो और उनकी अर्थव्यवस्था पर कोई आंच न आए—इसके लिए यदि प्रशासन से आर-पार की लड़ाई भी लड़नी पड़ी तो पीछे नहीं हटेंगे। मंदिर परिसर में पंडितों का अपमान अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में उठाई गई प्रमुख ज्वलंत समस्याएं हवन सामग्री पेटी रखने की जगह पर संकट
पंडितों को अपनी पूजन एवं हवन सामग्री रखने की पेटियों तक के लिए जगह नहीं दी जा रही है, जबकि दूसरी ओर लाखों रुपये में जगह बेचे जाने का गंभीर आरोप है। यह तानाशाही अब नहीं चलेगी।
सम्मानजनक व्यवस्था की मांग:
मंदिर में दूर-दूर से आने वाले श्रद्धालुओं का अनुष्ठान कराने वाले पंडितों के लिए उपयुक्त व छायादार स्थान सुनिश्चित किया जाए।
प्रशासनिक शोषण पर रोक
पंडितों की आजीविका और अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शासन-प्रशासन को सकारात्मक कदम उठाने होंगे।राजेश शर्मा ने कहा कि वे हमेशा पंडितों की मजबूत आवाज बनकर शासन-प्रशासन के समक्ष चुनौती से खड़े रहेंगे और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे।