Aaj Ka Panchang, 1 August 2026: 1 अगस्त 2026 का क्या है अभिजित मुहूर्त और राहुकाल, जानें आज का पंचांग
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संजय अग्रवाल
माननीय मध्य प्रदेश सरकार, मुख्यमंत्री श्री मोहन यादव जी, शिक्षा मंत्री श्री कुंवर उदय प्रताप सिंह जी तथा समस्त शिक्षा विभाग के अधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
आज 15 अप्रैल 2026 को घोषित एमपी बोर्ड कक्षा 10वीं के परिणाम ने पूरे प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ा दी है। कुल पास प्रतिशत 73.42% रहा है, जो स्वयं में सराहनीय है। लेकिन सबसे अधिक गौरव की बात यह है कि **सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 76.8%** रहा, जबकि **प्राइवेट स्कूलों का पास प्रतिशत मात्र 68.64%** रहा। यह आंकड़ा स्पष्ट रूप से सिद्ध करता है कि मध्य प्रदेश की सरकारी शिक्षा व्यवस्था अब न केवल प्रतिस्पर्धा कर रही है, बल्कि आगे बढ़कर नई मिसाल पेश कर रही है।
यह उपलब्धि महज संख्याओं का खेल नहीं है। यह उन लाखों-करोड़ों गरीब, ग्रामीण और मध्यम वर्ग के छात्र-छात्राओं की मेहनत, समर्पण तथा सरकारी शिक्षकों के अथक प्रयासों का प्रतिबिंब है, जो बिना किसी भारी-भरकम फीस के, सीमित संसाधनों के साथ भी उत्तम परिणाम दे रहे हैं। विशेष रूप से **पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी** ने 500 में से **499 अंक** प्राप्त कर प्रदेश टॉप किया है। पन्ना की इस बेटी ने साबित कर दिया कि यदि सरकारी स्कूलों को सही मंच और पर्याप्त सुविधाएं मिलें, तो वे न केवल प्राइवेट स्कूलों को पीछे छोड़ सकते हैं, बल्कि पूरे देश में नई ऊंचाइयां छू सकते हैं। प्रतिभा जी को मेरी हार्दिक बधाई! आपने न केवल अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे सरकारी शिक्षा तंत्र को नई प्रेरणा दी है।
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश सदैव से शिक्षा को राष्ट्र-निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार मानता आया है। हमारा विश्वास है कि “सरकार की शिक्षा” ही वास्तव में “सबकी शिक्षा” है। जब सरकारी स्कूल मजबूत होते हैं, तो समाज का सबसे कमजोर वर्ग भी आगे बढ़ता है। आज का परिणाम इसी दिशा में एक सकारात्मक संकेत है।
**लेकिन यह यात्रा अभी पूरी नहीं हुई है।**
हम मध्य प्रदेश सरकार से विनम्र आग्रह करते हैं कि इस सफलता को आधार बनाकर सरकारी स्कूलों में और अधिक सुविधाओं का विस्तार किया जाए। कुछ महत्वपूर्ण सुझाव निम्न हैं:
1. **अतिरिक्त बजट एवं बुनियादी ढांचा**: प्रत्येक सरकारी हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल में आधुनिक लैबोरेटरी, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी, उच्च गति इंटरनेट और खेल मैदान का विकास किया जाए। स्कूल भवनों की मरम्मत, फर्नीचर, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और बिजली व्यवस्था को 100% सुनिश्चित किया जाए।
2. **शिक्षकों की गुणवत्ता, संख्या एवं जवाबदेही**: योग्य शिक्षकों की भर्ती बढ़ाई जाए, नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम (विशेषकर NEP-2020 और डिजिटल शिक्षण पर) चलाए जाएं। शिक्षकों की 100% उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सख्त मॉनिटरिंग और प्रोत्साहन व्यवस्था लागू की जाए। शिक्षक कमी वाले स्कूलों में अतिशेष शिक्षकों का तत्काल स्थानांतरण किया जाए।
3. **छात्रवृत्ति, प्रोत्साहन एवं ड्रॉपआउट रोकथाम**: मेरिट लिस्ट में आने वाले सरकारी स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए विशेष छात्रवृत्ति, लैपटॉप, साइकिल, यूनिफॉर्म और उच्च शिक्षा हेतु फीस सहायता योजना को और विस्तृत किया जाए। “स्कूल चले हम” अभियान को निरंतर चलाते हुए ड्रॉपआउट दर को शून्य बनाए रखने के प्रयास तेज किए जाएं।
4. **ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों पर विशेष ध्यान**: पन्ना, छतरपुर, दमोह, शिवपुरी जैसे जिलों के दूरदराज के स्कूलों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, बिजली, स्वच्छ पेयजल और सैनिटरी सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। PM SHRI स्कूलों और संदीपनी स्कूलों की तरह सभी सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने की योजना बनाई जाए।
5. **महिला शिक्षा, बालिकाओं की सुरक्षा एवं समावेशी शिक्षा**: लड़कियों का पास प्रतिशत इस बार भी बेहतर रहा है। उनकी सुरक्षा, परिवहन, सैनिटरी पैड और स्वच्छ शौचालय सुविधाओं को और मजबूत किया जाए। दिव्यांग बच्चों, आदिवासी और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए विशेष सहायता कार्यक्रम चलाए जाएं।
6. **नई शिक्षा नीति (NEP-2020) का प्रभावी क्रियान्वयन**: बहु-विषयक शिक्षा, कौशल विकास, STEM शिक्षा और डिजिटल लर्निंग को बढ़ावा दिया जाए। स्कूल प्रबंधन समितियों (SMC) को और सशक्त बनाकर स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाई जाए।
7. **नियमित मूल्यांकन एवं रैंकिंग**: सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन आधारित ग्रेडिंग सिस्टम लागू किया जाए ताकि कमजोर स्कूलों की पहचान कर उन्हें विशेष सहायता दी जा सके।
माननीय सरकार ने पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कई सराहनीय कदम उठाए हैं, जैसे शिक्षक भर्ती, बुनियादी ढांचा विकास और ड्रॉपआउट रोकने के अभियान। इस बार का रिजल्ट उसी प्रयास का फल है। हम पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हैं कि आप इस उपलब्धि को और आगे ले जाते हुए सरकारी स्कूलों को “सर्वश्रेष्ठ शिक्षा केंद्र” बनाने का संकल्प लेंगे।
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश इस महान कार्य में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। हमारा उद्देश्य केवल आलोचना नहीं, बल्कि सहयोग एवं सकारात्मक सुझाव देना है, ताकि “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” का मंत्र शिक्षा के क्षेत्र में भी साकार हो सके।
(लेखक संजय अग्रवाल*वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश* के अध्यक्ष हैं। )
