नई दिल्ली (ऊषा माहना/ माधव एक्सप्रेस) ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल ने जानकारी दी कि संगठन की टीम ने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार तथा दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के साथ विभिन्न बैठकों में भाग लिया, जिसमें मिनिस्ट्री ऑफ हेवी इंडस्ट्रीज़ द्वारा पी.एम. ई – ड्राइव योजना के अंतर्गत दिल्ली में 1,100 इलेक्ट्रिक ट्रकों को अपनाने के विषय पर विस्तृत चर्चा की गई।
हाल ही में दिल्ली सरकार के साथ आयोजित बैठक के उपरांत, डॉ. हरीश सभरवाल ने ट्रकिंग सेक्टर के सभी वर्गों के परिवहनकर्ताओं और सदस्यों के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया। इस प्रक्रिया का उद्देश्य ई-ट्रकों को तेजी से अपनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव और उद्योग से जुड़ी वास्तविक चुनौतियों को सामने लाना था।
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने परिवहन उद्योग से जुड़े सभी सदस्यों से पी.एम. ई – ड्राइव योजना के तहत इलेक्ट्रिक ट्रकों (ई-ट्रक) को अपनाने की दिशा में सक्रिय पहल करने का आह्वान किया है।
एआईएमटीसी ने इलेक्ट्रिक ट्रकों को शीघ्र अपनाने के लिए आकर्षक प्रोत्साहन (इंसेंटिव) प्रदान करने की मांग भी उठाई है। योजना के अंतर्गत एन -2 (3.5 से 12 टन) और एन -3 (12 से 55 टन) श्रेणी के वाहनों को शामिल किया गया है।
योजना के तहत ई-ट्रकों पर बैटरी क्षमता (₹5,000 प्रति किलो व्हाट अवर ), एक्स-फैक्ट्री कीमत का 10 प्रतिशत तथा जी.वि.डब्लू. श्रेणी के अनुसार अधिकतम सीमा के आधार पर प्रोत्साहन दिया जाएगा। यह प्रोत्साहन सीधे वाहन खरीद के समय उपभोक्ता को प्रदान किया जाएगा। विभिन्न श्रेणियों में यह प्रोत्साहन लगभग ₹2.7 लाख से ₹9.6 लाख तक हो सकता है।
योजना के अंतर्गत कुछ महत्वपूर्ण शर्तें भी निर्धारित की गई हैं, जिनमें ई-ट्रकों का केवल व्यावसायिक उपयोग के लिए पंजीकरण तथा योजना अवधि के भीतर निर्माण एवं पंजीकरण शामिल है। इसके अतिरिक्त, प्रोत्साहन प्राप्त करने के लिए पुराने डीजल/पेट्रोल वाहनों का स्क्रैप करना अनिवार्य है, जिसके लिए वैध स्क्रैपेज सर्टिफिकेट आवश्यक होगा। यह सर्टिफिकेट देश में कहीं से भी प्राप्त किया जा सकता है, बशर्ते नया ई-ट्रक दिल्ली में पंजीकृत हो।
योजना के अंतर्गत ई-ट्रकों पर न्यूनतम 5 वर्ष की वारंटी (बैटरी एवं वाहन) तथा पर्याप्त आफ्टर-सेल्स सेवा सुनिश्चित करना भी अनिवार्य है।
डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने कहा,
“इलेक्ट्रिक ट्रकों के उपयोग से ईंधन एवं रखरखाव लागत में कमी आएगी। साथ ही, एआईएमटीसी ने दिल्ली सरकार से मांग की है कि राज्य सरकार द्वारा रोड टैक्स, ग्रीन टैक्स, परमिट, टोल एवं पार्किंग में रियायत मिलने की भी संभावना है।
इसके साथ ही एआईएमटीसी ने सरकार से यह भी मांग की है कि बैंकों और एन.बी.एफ.सी. (गैर बैंकिंग फाइनेंस कंपनियां) के माध्यम से कम ब्याज दर पर वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए, सरल एवं किफायती बीमा उत्पाद विकसित किए जाएं, प्रति किलो व्हाट चार्जिंग लागत को नियंत्रित किया जाए, तथा ई-ट्रकों के लिए रिजिडुअल वैल्यू गारंटी सुनिश्चित की जाए।
साथ ही, ई-ट्रक मालिकों को कार्बन क्रेडिट अर्जित करने एवं उनके व्यापार की सुविधा प्रदान की जाए तथा ग्रीन सर्टिफिकेट जारी किए जाएं। 30–40 किमी के अंतराल पर लॉजिस्टिक्स हब एवं प्रमुख मार्गों पर फास्ट-चार्जिंग स्टेशन, पर्याप्त पार्किंग एवं ड्राइवर सुविधाएं विकसित की जाएं। गाड़ी निर्माताओं द्वारा स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता, सर्विस सेंटर, प्रशिक्षित मैकेनिक तथा 24×7 सहायता सेवाएं सुनिश्चित की जाएं।”
संगठन ने सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे अपने प्रस्तावित ई-ट्रक अपनाने की योजना, वाहन श्रेणी (N2/N3), उपयोग तथा क्रय एवं संचालन की संभावित समय-सीमा से संबंधित जानकारी शीघ्र साझा करें। यह जानकारी व्हट्सएप (9711498337) या एआईएमटीसी को भेजी जा सकती है, ताकि इसे समेकित कर संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जा सके।
डॉ हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी सदस्यों से अपील की है कि वे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की दिशा में कदम बढ़ाते हुए इस योजना का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल परिवहन व्यवसाय को आधुनिक बनाएगी, बल्कि परिचालन लागत को कम करने और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।
बैठक में सुश्री निहारिका राय, सचिव एवं कमिश्नर, दिल्ली सरकार; डॉ हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष -एआईएमटीसी; श्री विजेंद्र दलाल, कार्यकारी अध्यक्ष – दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन (डी.सी. बी. ए.); श्री मनोज कुमार, स्पेशल कमिश्नर (ट्रांसपोर्ट), परिवहन विभाग, दिल्ली सरकार शामिल रहे।
