मुख्यमंत्री का संवेदना संदेश, 4 लाख की सहायता का ऐलान
उज्जैन, 10 अप्रैल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोरवेल हादसे में मासूम बालक भागीरथ के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। साथ ही मृतक के परिवार को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश भी दिए।
बड़नगर तहसील के ग्राम झलारिया में गुरुवार शाम खेलते समय 3 वर्षीय भागीरथ खुले बोरवेल में गिर गया था। करीब 60 फीट गहराई में फंसे मासूम को निकालने के लिए प्रशासन ने तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया, जो लगातार 22 घंटे तक चला।
रातभर डटे रहे कलेक्टर-एसपी, हर संभव प्रयास जारी
रेस्क्यू ऑपरेशन कलेक्टर रौशन कुमार सिंह के नेतृत्व में युद्ध स्तर पर चलाया गया। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित प्रशासनिक अमला, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पूरी रात मौके पर डटी रहीं। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे और ऑपरेशन का मार्गदर्शन करते रहे।
जेसीबी-पोकलेन से खुदी सुरंग, ऑक्सीजन सप्लाई भी जारी
रेस्क्यू के दौरान बोरवेल के समानांतर सुरंग खोदने के लिए जेसीबी और पोकलेन मशीनों का सहारा लिया गया। बच्चे को जीवित रखने के लिए लगातार ऑक्सीजन सप्लाई भी की जाती रही। पानी और तकनीकी बाधाओं के कारण ऑपरेशन में कई चुनौतियां सामने आईं।
अंतिम घंटे में जगी उम्मीद, लेकिन नहीं बच सकी जान
लगातार प्रयासों के बाद शुक्रवार शाम करीब 6:20 बजे मासूम को बाहर निकाला गया। मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने तुरंत जांच के बाद उसे अस्पताल भेजा, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, बच्चे की मृत्यु पानी में डूबने के कारण हो चुकी थी।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर, दहला देने वाली घटना
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। रेस्क्यू के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर मौजूद रहे और मासूम के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना करते रहे, लेकिन अंततः यह प्रयास सफल नहीं हो सका।