“उपभोक्ताओं की सुरक्षा और साइबर सेफ्टी को मज़बूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम”
इंदौर/मुंबई, 31 मार्च 2026। देश के अग्रणी क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX ने भारत के डिजिटल फाइनेंस इकोसिस्टम को सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क (D.S.N.) के लिए ₹100 करोड़ के फंड की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि यह पहल केवल एक प्लेटफ़ॉर्म की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे डिजिटल इकोसिस्टम को साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक व्यापक प्रयास है।
CoinDCX के सह-संस्थापक सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल ने हाल ही में उनके साथ हुई एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि 21 मार्च को उन्हें एक फ्रॉड शिकायत के मामले में पुलिस हिरासत में लिया गया था। हालांकि, 24 मार्च को ठाणे कोर्ट ने उन्हें ज़मानत देते हुए स्पष्ट किया कि उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता। जांच में सामने आया कि धोखाधड़ी एक फर्जी वेबसाइट coindcx.pro के माध्यम से की गई थी, जिसका CoinDCX से कोई संबंध नहीं था।
कंपनी के अनुसार, इस घटना ने डिजिटल इकोसिस्टम की एक बड़ी कमी को उजागर किया—असली और नकली प्लेटफ़ॉर्म के बीच अंतर करने के लिए पर्याप्त तंत्र का अभाव।
बढ़ते साइबर फ्रॉड पर चिंता
CoinDCX ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि:
- वर्ष 2025 में भारत में 28.15 लाख साइबर क्राइम शिकायतें दर्ज हुईं, जो पिछले वर्ष से 24% अधिक हैं।
- कुल वित्तीय नुकसान ₹22,495 करोड़ रहा, जिसमें 76% निवेश घोटालों से जुड़ा है।
- केवल 2% मामलों में ही एफआईआर दर्ज हो पाती है।
- 47% भारतीय वयस्क AI आधारित स्कैम (वॉइस क्लोनिंग/डीपफेक) से प्रभावित हैं।
कंपनी ने कहा कि डिजिटल ट्रांज़ैक्शन्स की तेज़ी से बढ़ती संख्या के साथ धोखाधड़ी के खतरे भी बढ़ रहे हैं और मौजूदा सिस्टम इससे निपटने में पर्याप्त सक्षम नहीं है।
क्या है डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क (D.S.N.)
CoinDCX का डिजिटल सुरक्षा नेटवर्क चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित होगा:
- उपभोक्ता जागरूकता अभियान
“लेन-देन से पहले सावधानी” नामक राष्ट्रीय अभियान के तहत लोगों को डिजिटल फाइनेंस, KYC और फर्जी वेबसाइट पहचानने की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, एक24×7 WhatsApp हेल्पलाइनभी शुरू की जाएगी, जहां यूज़र्स किसी भी संदिग्ध लिंक या प्लेटफ़ॉर्म को वेरिफाई कर सकेंगे। - ओपन फ्रॉड इंटेलिजेंस API
CoinDCX द्वारा पिछले 21 महीनों में पहचानी गई 1,200 से अधिक फर्जी वेबसाइट्स का डेटा अब ओपन API के माध्यम से कानून प्रवर्तन एजेंसियों, बैंकों और टेक कंपनियों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि रियल टाइम में धोखाधड़ी रोकी जा सके। - कानून प्रवर्तन के लिए साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर
राज्य साइबर क्राइम सेल्स के लिए ब्लॉकचेन फॉरेंसिक्स और डिजिटल एसेट ट्रेसिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही, एक रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट बनाई जाएगी जो सक्रिय मामलों में पुलिस को तकनीकी सहायता देगी। - इंडस्ट्री साइबर सुरक्षा मानक
CoinDCX ने SEBI, FIU-IND और वित्त मंत्रालय से अपील की है कि वे इंडस्ट्री के साथ मिलकर डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म्स के लिए साझा साइबर सुरक्षा मानक तैयार करें। इसके तहत स्वतंत्र रिसर्च और “स्टेट ऑफ डिजिटल ट्रस्ट” जैसी रिपोर्ट्स भी जारी की जाएंगी।
संस्थापकों की अपील
CoinDCX के सह-संस्थापकों ने कहा कि डिजिटल धोखाधड़ी एक गंभीर और तेजी से बढ़ती चुनौती है, जिसे कोई एक कंपनी अकेले हल नहीं कर सकती। उन्होंने सभी प्लेटफ़ॉर्म्स, रेगुलेटर्स और नागरिकों से इस पहल में शामिल होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भारत में हर फाउंडर और हर बिज़नेस बिना डर के नवाचार कर सके और हर यूज़र सुरक्षित रूप से डिजिटल फाइनेंस का हिस्सा बन सके।
