बेंगलुरु, 22 मई 2026: टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (TKM) ने आज अपनी इलेक्ट्रिफिकेशन/मल्टी-पाथवे यात्रा में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन हासिल करने की घोषणा की। कंपनी ने भारत में कुल 3 लाख हाइब्रिड वाहनों की बिक्री पूरी की है, जो सतत मोबिलिटी को आगे बढ़ाने और हाइब्रिड टेक्नोलॉजी में ग्राहकों के भरोसे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
यह माइलस्टोन भारतीय ग्राहकों के बीच सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल (SHEV) तकनीक की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है। बेहतर फ्यूल एफिशिएंसी, कम उत्सर्जन, बेहतर ड्राइविंग परफॉर्मेंस और आसान ओनरशिप के प्रति बढ़ती जागरूकता ने इस स्वीकार्यता को और मजबूत किया है। यह उपलब्धि टोयोटा ब्रांड में ग्राहकों के गहरे भरोसे को दोहराती है और कंपनी की मल्टी-पाथवे अप्रोच के ज़रिए ग्रीन मोबिलिटी समाधान देने की प्रतिबद्धता को उजागर करती है।
30 वर्षों से अधिक के वैश्विक हाइब्रिड अनुभव के साथ, टोयोटा प्रैक्टिकल इलेक्ट्रिफिकेशन में अग्रणी बनी हुई है और कार्बन न्यूट्रैलिटी की दिशा में अपनी मल्टी-पाथवे अप्रोच को लगातार आगे बढ़ा रही है। दुनिया भर में 3.8 करोड़ से अधिक इलेक्ट्रिफाइड वाहनों की बिक्री ने 197 मिलियन टन से अधिक CO₂ उत्सर्जन बचाने में योगदान दिया है। भारत में विविध मोबिलिटी जरूरतों और अलग-अलग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयारियों को ध्यान में रखते हुए, टोयोटा एक विस्तृत हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल पोर्टफोलियो पेश करती है, जिसमें अर्बन क्रूज़र Hyryder, इनोवा HyCross, कैमरी हाइब्रिड और वेलफायर जैसे मॉडल शामिल हैं।
इस उपलब्धि पर टिप्पणी करते हुए, श्री सबरी मनोहर, एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट, सेल्स, सर्विस और यूज़्ड कार बिज़नेस, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने कहा, “भारत में 3 लाख हाइब्रिड वाहनों की बिक्री का माइलस्टोन हासिल करना हमारे लिए बेहद गर्व की बात है। यह उपलब्धि टोयोटा की सेल्फ-चार्जिंग हाइब्रिड इलेक्ट्रिक टेक्नोलॉजी में ग्राहकों के मजबूत और लगातार बढ़ते भरोसे को दर्शाती है। टोयोटा में हमारी ‘मास इलेक्ट्रिफिकेशन’ फिलॉसफी का आधार है प्रैक्टिकल, स्केलेबल और सभी के लिए सुलभ मोबिलिटी समाधान देना। हाइब्रिड टेक्नोलॉजी एक क्लीनर भविष्य की ओर महत्वपूर्ण पुल का काम करती है, जिससे ग्राहक बिना परफॉर्मेंस, सुविधा या भरोसे से समझौता किए इलेक्ट्रिफिकेशन को सहजता से अपना सकते हैं।”
“यह उपलब्धि न केवल पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार मोबिलिटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करती है, बल्कि भारत के कार्बन न्यूट्रैलिटी की ओर संक्रमण में सार्थक योगदान देने के हमारे संकल्प को भी और दृढ़ बनाती है।”
टोयोटा की हाइब्रिड टेक्नोलॉजी एक शक्तिशाली पेट्रोल इंजन और एडवांस्ड इलेक्ट्रिक मोटर का संतुलित संयोजन है, जो मिलकर बेहतर परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी प्रदान करते हैं। यह सिस्टम स्मार्ट तरीके से दोनों पावर सोर्स को बदलता और जोड़ता है, जिससे वाहन अधिकतर समय इलेक्ट्रिक मोड में चलते हैं। इसका परिणाम है उल्लेखनीय फ्यूल एफिशिएंसी सुधार और पर्यावरणीय प्रभाव में कमी। सेल्फ-चार्जिंग क्षमता बैटरी को रेजेनरेटिव ब्रेकिंग और इंजन पावर से ऑटोमैटिक चार्ज करती है। इस वजह से बाहरी चार्जिंग की आवश्यकता नहीं पड़ती और ग्राहकों को पूरी तरह रेंज एंग्जायटी से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि हाइब्रिड वाहन रोज़मर्रा के इस्तेमाल के लिए एक प्रैक्टिकल और भरोसेमंद समाधान बन जाते हैं।
ग्राहकों के विश्वास को और मजबूत करते हुए, टोयोटा 8 साल की हाइब्रिड बैटरी वारंटी प्रदान करती है, जो इसकी हाइब्रिड इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक की विश्वसनीयता, टिकाऊपन और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन को उजागर करती है।
‘मास हैप्पीनेस टू ऑल’ विज़न से प्रेरित होकर, टोयोटा लगातार बेहतर और ग्रीनर मोबिलिटी समाधान विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कंपनी हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (HEVs), प्लग-इन हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (PHEVs), बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (BEVs) और फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FCEVs) जैसी विभिन्न इलेक्ट्रिफाइड वाहन तकनीकों को बढ़ावा देती है। इसके साथ ही फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स (FFVs) जैसे वैकल्पिक ईंधन विकल्प भी पेश किए जाते हैं, ताकि लो-कार्बन मोबिलिटी की ओर संक्रमण को
समर्थन मिल सके।
