भव्य मंचन से गूंजा इंदौर, ‘हमारे राम’ ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
इंदौर में ‘हमारे राम’ का भव्य मंचन संपन्न, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध
इंदौर। शहर के सांस्कृतिक परिदृश्य में इस सप्ताहांत एक अद्भुत और भव्य नाट्य अनुभव देखने को मिला, जब फेलिसिटी थिएटर द्वारा प्रस्तुत मैग्नम ओपस “हमारे राम” का सफल मंचन 21 मार्च को लता मंगेशकर सभागार, आईडीए ऑडिटोरियम में संपन्न हुआ। दो दिनों तक चले इस कार्यक्रम में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी और हर शो हाउसफुल रहा।
नाटक में बॉलीवुड के प्रख्यात अभिनेता आशुतोष राणा ने रावण के रूप में अपने दमदार अभिनय से सभी को अभिभूत कर दिया। वहीं राहुल आर भुचर ने भगवान राम की भूमिका में प्रभावशाली प्रस्तुति दी। दानिश अख्तर (हनुमान), तरूण खन्ना (भगवान शिव), अमृता परिहार (सीता), भानु प्रताप राणा (लक्ष्मण) और करण शर्मा (सूर्य देव) ने भी अपने सशक्त अभिनय से कहानी को जीवंत कर दिया।
इस भव्य प्रस्तुति का निर्देशन गौरव भारद्वाज ने किया, जिनकी रचनात्मक दृष्टि ने रामायण के अनकहे पहलुओं को मंच पर नए अंदाज में प्रस्तुत किया। नाटक की खास बात यह रही कि इसकी कहानी लव-कुश के दृष्टिकोण से आगे बढ़ती है, जिसमें भगवान राम और माता सीता के जीवन के भावनात्मक और गहरे पक्षों को उजागर किया गया।
संगीत ने भी इस नाटक में जान डाल दी। मशहूर गायक कैलाश खेर, शंकर महादेवन और सोनू निगम की आवाज में प्रस्तुत मूल रचनाओं ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
मंच सज्जा, अत्याधुनिक LED बैकड्रॉप, VFX तकनीक, हवाई प्रदर्शन और 50 से अधिक नर्तकों की जीवंत प्रस्तुति ने इसे एक दृश्यात्मक उत्सव में बदल दिया। हर दृश्य पर तालियों की गूंज सुनाई दी और दर्शकों ने अंत तक इस सांस्कृतिक यात्रा का भरपूर आनंद लिया।
कार्यक्रम के अंत में फेलिसिटी थिएटर के निर्माता एवं एमडी राहुल भुचर ने कहा कि “हमारे राम” का उद्देश्य नई पीढ़ी को रामायण से जोड़ना है, और इंदौर में मिले अपार प्रेम ने उनकी इस कोशिश को सफल बना दिया।
कुल मिलाकर, ‘हमारे राम’ केवल एक नाटक नहीं बल्कि आस्था, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम बनकर दर्शकों के दिलों में अपनी अमिट छाप छोड़ गया। कार्यक्रम में हिंदू वर्ल्ड फेडरेशन के प्रदेशाध्यक्ष संजय अग्रवाल परिवार सहित सम्मिलित हुवे ओर उन्होंने समस्त कलाकारों, निर्देशक गौरव भारद्वाज, लेखक राहुल भूचर एवं नरेश कटयान तथा पूरी टीम के समर्पण की सराहना की और कहा कि यह प्रस्तुति सनातन मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का उत्कृष्ट माध्यम है।
