शहर काजी सफीउल्ला साहब ने किया ईद की नमाज अदा, मुजरिम के भाई और अमन-चैन के लिए मनाई दुआएं
तराना । पवित्र रमज़ान माह की इबादतों और रोज़ों की मुकम्मल अदायगी के बाद शनिवार को तराना नगर में ईद-उल-फितर का त्योहार अत्यंत अकीदत, जोश और भाईचारे के माहौल में मनाया गया। सुबह से ही नगर में त्योहार की रौनक देखते ही बन रही थी। बच्चे नए कपड़ों में खुश नजर आए तो बुजुर्गों और युवाओं में भी खास उत्साह दिखाई दिया। सुबह 8:30 बजे स्थानीय जामा मस्जिद काजी चौक पर मुस्लिम समाजजन बड़ी संख्या में एकत्रित हुए। यहां से शहर काज़ी सफ़ीउल्ला साहब की अगुवाई में एक अनुशासित और गरिमामय जुलूस ईदगाह के लिए रवाना हुआ। रास्ते में जगह-जगह समाज के लोगों एवं विभिन्न संगठनों द्वारा गुलपोशी कर तथा फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया गया। पूरा वातावरण “ईद मुबारक” की शुभकामनाओं और आपसी प्रेम से सराबोर दिखाई दिया। ईदगाह पहुंचने के पश्चात शहर काज़ी सफ़ीउल्ला साहब ने अपने प्रभावशाली बयान में कहा कि ईद-उल-फितर केवल खुशी का त्योहार नहीं, बल्कि यह आत्मशुद्धि, संयम, त्याग और जरूरतमंदों की सहायता का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने वतन के प्रति सच्ची निष्ठा और ईमानदारी रखते हुए उसकी तरक्की, खुशहाली और शांति के लिए हमेशा दुआ करनी चाहिए। वहीं उन्होंने समाजजनों को याद दिलाया कि ईद से पहले सदका और ज़कात अदा करना हमारी जिम्मेदारी है, ताकि समाज का कोई भी गरीब और जरूरतमंद व्यक्ति ईद की खुशियों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि असली ईद वही है, जब हर घर में मुस्कान हो और हर दिल में सुकून हो। वहीं शहर काज़ी ने रमज़ान माह और ईद के अवसर पर नगर में बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराने के लिए पुलिस प्रशासन, नगर परिषद एवं विद्युत विभाग का विशेष रूप से धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि प्रशासन और समाज के सहयोग से ही ऐसे पावन पर्व शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होते हैं। इस अवसर पर अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर सैय्यद अकबर हुसैन जागीरदार ने समाज के समक्ष वर्षभर की गतिविधियों, सामाजिक कार्यों एवं आय-व्यय का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने समाज की एकता और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया।
मुल्क में अमन, चैन और भाईचारे की हुई सामूहिक रूप से दुआ
इसके पश्चात शहर काज़ी द्वारा सामूहिक रूप से ईद की नमाज़ अदा कराई गई। नमाज़ के बाद पूरे मुल्क में अमन-चैन, शांति और तरक्की के लिए विशेष दुआ की गई। साथ ही तराना नगर में आपसी भाईचारा, सौहार्द और एकता कायम रहने की भी प्रार्थना की गई। ईदगाह परिसर में नमाज़ के बाद आत्मीयता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सभी ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी और मिठाइयों का आदान-प्रदान किया। वहीं नमाज़ के उपरांत स्थानीय विधायक निवास पर महेश परमार द्वारा कांग्रेसजनों की उपस्थिति में शहर काज़ी सहित मुस्लिम समाजजनों का पुष्पमालाओं से आत्मीय स्वागत किया गया। इस दौरान सामाजिक सौहार्द और एकजुटता का संदेश भी दिया गया। ईद-उल-फितर के इस पावन अवसर पर तराना नगर में सर्वधर्म समभाव, आपसी प्रेम और भाईचारे की अनुपम मिसाल देखने को मिली। त्योहार ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि एकता और सद्भाव ही समाज और राष्ट्र की वास्तविक ताकत है। उक्त जानकारी सैय्यद नियामत अली द्वारा दी गई।