इंदौर :- वर्तमान परिदृश्य में जहाँ अनेक देशों ने बारूद के ढेर पर बैठकर उसी में आग लगाकर अपनी मृत्यु को आमंत्रित किया है, बारूद का यह ढेर पूरे विश्व को कितने दिनों में तबाह कर देगा यह कहना अब मुश्किल नहीं है । ऐसी कठिन परिस्थितियों में जैन सोशल ग्रुप वर्धमान परिवार के 36 सदस्यों ने अपने अध्यक्ष नरेन्द्र दलाल के नेतृत्व में विभिन्न धार्मिक स्थलों की यात्रा पूर्ण की ।
ग्रुप के सचिव प्रोफेसर सतीश चोपड़ा ने बताया की सर्वप्रथम अयोध्या में प्रभु श्री राम के दर्शन , सरयू नदी पर माता सरयू की आरती , 5 तीर्थंकरों की जन्म स्थली जहाँ प्रभु ऋषभदेव के तीन कल्याणक , अजितनाथ, अभिनन्दन स्वामी , सुमतिनाथ और अनंतनाथ के चार-चार कल्याणक कुल मिलाकर 19 कल्याणकों की पावन भूमि , प्रयागराज में त्रिवेणी संगम ( गंगा,यमुना ,सरस्वती नदी ) पर डुबकी लगाई । आगे काशी जाकर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक काशी विश्वनाथ के दर्शन, भगवान पार्श्वनाथ , सुपार्श्वनाथ, चंद्रप्रभु और श्रेयांसनाथ के च्यवन,जन्म,दीक्षा और केवलज्ञान सहित चार-चार कल्याणकों कुल मिलाकर 16 कल्याणकों ( भगवान का च्यवन, जन्म ,दीक्षा , केवलज्ञान और निर्वाण इन पाँच कल्याणकों में से एक भी हो तो वह कल्याणक भूमि होती है)की पावन भूमि की यात्रा इस पवित्र भावना से की, की भगवान विश्व के बड़े नेताओं को सदबुद्धि दे ताकि वे विश्व शांति की सोच रखकर मानवता को और मानव प्रजाति को नष्ट होने से बचाए । इस यात्रा में कनक दलाल , नरेंद्र जैन , दिलीप-कल्पना सकलेचा , सुरेन्द्र-अंजू जैन ,सतीश-मीना चौपडा, विनय-निशा कोठारी ,सुरेश जैन,सुरेन्द्र पगारिया , नरेश मेहता ,पुखराज ओरा,विजय दलाल ,सतीश रांका सहित अनेक सदस्यों ने अपने ज्ञान , संगीत और रोचक कार्यक्रमों से अपनी प्रस्तुति तथा यात्रा में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया, सम्पूर्ण यात्रा में टूर आपरेटर मनीष शर्मा का सहयोग प्रशंसनीय रहा ।