माधव एक्सप्रेस/इंदौर/ रविवार 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश के अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल ने पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुए कथित अपमान को “महिला शक्ति और आदिवासी गौरव पर सीधा प्रहार” बताते हुए कहा कि टीएमसी ने न केवल संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का अपमान करके पूरे राष्ट्र की भावनाओं को आहत किया है।
श्री संजय अग्रवाल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कड़ा बयान जारी करते हुए कहा:
“आज पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहा है, जहां हम महिला सशक्तिकरण, समानता और सम्मान की बात करते हैं। ठीक उसी दिन हमें याद आता है कि कल ही पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार ने देश की सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन एक आदिवासी महिला—राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू—का घोर अपमान किया। 7 मार्च को दार्जिलिंग में 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन के दौरान कार्यक्रम का स्थान अचानक बदल दिया गया, प्रोटोकॉल की पूरी अनदेखी की गई, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी या कोई मंत्री स्वागत के लिए नहीं पहुंचा—यह सब एक महिला राष्ट्रपति के साथ हुआ, जो खुद आदिवासी समुदाय से हैं और महिलाओं का प्रतीक हैं।
यह अपमान सिर्फ राष्ट्रपति का नहीं, बल्कि हर भारतीय महिला का, हर आदिवासी बहन का और संपूर्ण राष्ट्र का है। टीएमसी सरकार ने महिला दिवस के ठीक पहले एक आदिवासी महिला को अपमानित करके दिखा दिया कि उनकी ‘महिला सशक्तिकरण’ की बातें सिर्फ नारे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘शर्मनाक और अभूतपूर्व’ बताया, गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि टीएमसी ने ‘नई निचाई’ छू ली है। केंद्र ने रिपोर्ट भी मांग ली है।
देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति का ऐसा व्यवहार करना टीएमसी की अराजकता, अहंकार और संवैधानिक मूल्यों से घोर अनादर को उजागर करता है। हम मांग करते हैं कि टीएमसी सरकार तत्काल माफी मांगे, दोषियों पर कार्रवाई हो और भविष्य में संवैधानिक पद की गरिमा का सम्मान सुनिश्चित किया जाए।
वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन मध्य प्रदेश की ओर से हम घोषणा करते हैं कि यह अपमान हम भूलेंगे नहीं। आज महिला दिवस पर हम संकल्प लेते हैं कि महिलाओं—खासकर आदिवासी बहनों—के सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा। टीएमसी को देश कभी माफ नहीं करेगा!”
घटना की मुख्य बातें (संक्षेप में):
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 7 मार्च को 9वें अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में मुख्य अतिथि थीं।
स्थान बिधाननगर से गोसाईंपुर बदल दिया गया, जिससे पहुंच मुश्किल हुई और उपस्थिति कम रही।
राष्ट्रपति ने खुले मंच से दुख जताया: “मुझे बहुत दुख है… शायद प्रशासन नहीं चाहता था कि संथाल लोग आएं।”
मुख्यमंत्री या मंत्री का स्वागत न होना प्रोटोकॉल उल्लंघन माना गया।
प्रधानमंत्री मोदी: “टीएमसी ने सभी सीमाएं पार कर दीं… यह अपमान आदिवासी समुदाय का भी है।”
अमित शाह: “टीएमसी ने नई निचाई छू ली… राष्ट्रपति का अपमान अस्वीकार्य।”
यह बयान मध्य प्रदेश में तेजी से वायरल हो रहा है, जहां वर्ल्ड हिंदू फेडरेशन ने राज्यव्यापी जागरूकता अभियान और विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर यह हमला टीएमसी के खिलाफ राजनीतिक हमले को और तीखा बना रहा है।
