उज्जैन । श्री आदिश्वर तीर्थ कार्तिक पूर्णिमा स्वामीवात्सल्य समिति के तत्वावधान में सिद्धाचल की फागुनी तेरस के पावन अवसर पर रविवार को आदिश्वर तीर्थ, हनुमंत बाग बड़नगर रोड पर भव्य एवं श्रद्धामयी भाव यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम साधु-साध्वी गुरु भगवंतों की पावन निश्रा एवं उपस्थिति में संपन्न हुआ, जिससे सम्पूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति रस से सराबोर हो उठा।
प्रातःकाल से ही श्रद्धालुओं का तीर्थ परिसर में आगमन प्रारंभ हो गया था। मंगलाचरण के साथ भाव यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु भगवान के जयघोष एवं नवकार मंत्र के उच्चारण के साथ अनुशासित पंक्तियों में आगे बढ़ते रहे। यात्रा के दौरान चैत्य वंदन कर जिनेन्द्र भगवान के प्रति श्रद्धा अर्पित की गई। साधु-साध्वी भगवंतों ने फागुनी तेरस के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए संयम, तप एवं आत्मशुद्धि का संदेश दिया।
संगीतमय भाव यात्रा का संचालन ममता जैन द्वारा किया गया। भक्ति गीतों, स्तवन एवं मंगल पाठ से वातावरण भक्तिमय बना रहा। उपस्थित समाजजन भाव-विभोर होकर भक्ति में लीन नजर आए। आयोजन में महिलाओं, युवाओं एवं वरिष्ठजनों की विशेष सहभागिता रही।
भाव यात्रा के पश्चात नवकारशी का आयोजन संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। नवकारशी के लाभार्थियों में अशोक कोठारी, रमेश चोपड़ा, मनोज सुराना, बीपीन शाह, प्रदीप गादिया, दिनेश शाह, राजेंद्र सिरोलिया, राहुल चपलोद, अभय मेहता, सुरेंद्र तरवेचा, संतोष सालेचा, विनय लड्ढा, मांगीलाल मिर्ची वाले एवं कल्याणमल जैन खलीवाला शामिल रहे। समिति द्वारा सभी लाभार्थियों का अभिनंदन किया गया।
प्रदीप गादिया ने बताया कि सिद्धाचल की फागुनी तेरस आत्मकल्याण, भक्ति एवं सामूहिक साधना का विशेष अवसर है। इस प्रकार के आयोजनों से समाज में एकता, संस्कार एवं धार्मिक चेतना का विस्तार होता है। कार्यक्रम के अंत में समिति ने सहयोगियों, लाभार्थियों एवं उपस्थित समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।