इंदौर (नितेश जैन) । मरिमाता चौराहा स्थित १५वीं बटालियन पुलिस कॉलोनी की हाईराइज बिल्डिंग के रहवासी पिछले दो महीनों से मूलभूत सुविधाओं की किल्लत और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान हैं। रहवासियों का कहना है कि समस्याओं के संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन केवल निरीक्षण और आश्वासनों के अलावा अब तक धरातल पर कोई ठोस काम नहीं हुआ है।
प्रतिमाह जुटता है लाखों का मेंटेनेंस फंड
जानकारी के अनुसार, इस पुलिस कॉलोनी में कुल ९४४ क्वार्टर हैं। व्यवस्थाओं के संचालन के लिए प्रति क्वार्टर १५०० रुपये के हिसाब से हर महीने लगभग १४ लाख रुपये से अधिक का मेंटेनेंस शुल्क लिया जाता है। इसके बावजूद कॉलोनी की कई स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, जिससे रात के समय परिसर में अंधेरा रहता है। इसके अतिरिक्त साफ-सफाई की व्यवस्था भी पूरी तरह प्रभावित है।
सुरक्षा व्यवस्था भगवान भरोसे, ड्रेनेज लाइन चोक
रहवासियों ने बताया कि रात के समय लिफ्टों के पास सुरक्षा गार्डों की तैनाती नहीं रहती, जिससे सुरक्षा को लेकर हमेशा अंदेशा बना रहता है। सबसे बदतर स्थिति सी-६ बिल्डिंग की है, जहाँ किचन लाइन का पाइप चोक और क्षतिग्रस्त होने के कारण लगातार गंदा पानी जमा हो रहा है। पाइपलाइन से हो रहे रिसाव के चलते परिसर में बदबू और गंदगी का साम्राज्य है, जिससे बच्चों में संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है।
नियमों में सख्ती, पर काम में ढिलाई
रहवासियों ने प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि मेंटेनेंस शुल्क जमा करने में यदि एक दिन का भी विलंब हो जाए, तो २५ रुपये अतिरिक्त शुल्क (पेनल्टी) वसूल कर ली जाती है। लेकिन जब बात सुविधाओं के रखरखाव, ड्रेनेज सुधार और मरम्मत कार्यों की आती है, तो गंभीरता नहीं दिखाई जाती। दो महीने पहले दी गई शिकायतों पर भी अब तक काम शुरू नहीं हो सका है।
प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग
कॉलोनी के निवासियों ने वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभाग से मांग की है कि स्वास्थ्य व सुरक्षा से जुड़ी इन गंभीर समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाए। रहवासियों का कहना है कि यदि समय रहते क्षतिग्रस्त पाइपलाइन को दुरुस्त नहीं किया गया और गंदे पानी की निकासी नहीं की गई, तो क्षेत्र में मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियाँ पैर पसार सकती हैं, जिसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार अमला कसूरवार होगा।
इस संदर्भ में जब संस्था के जिम्मेदार पदाधिकारियों का पक्ष जानने के लिए माधव एक्सप्रेस प्रतिनिधि नितेश जैन ने उनसे संपर्क करने का प्रयास किया तो उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका।