इंदौर, इंदौर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 का सफल और सार्थक समापन हुआ। इस कॉन्फ्रेंस ने डायग्नोस्टिक पेशेंट सेफ्टी, गुणवत्ता, इनोवेशन और भविष्य की स्वास्थ्य आवश्यकताओं को लेकर जो गहन संवाद शुरू किया, उसने देशभर के डायग्नोस्टिक और हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के बीच एक दीर्घकालिक सोच और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत किया।समापन अवसर पर काहो की ओर से सभी मुख्य अतिथियों, विशिष्ट वक्ताओं, पैनलिस्ट्स, डेलीगेट्स, सहयोगी संस्थाओं, अकादमिक प्रतिनिधियों और आयोजन से जुड़े प्रत्येक सहयोगी के प्रति आभार और धन्यवाद ज्ञापन व्यक्त किया गया। काहो ने लोकसभा सांसद श्री शंकर लालवानी, मध्य प्रदेश के माननीय स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला, क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया, एनएबीएल तथा सभी सहयोगी संस्थाओं के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए विशेष धन्यवाद् दिया।
काहो के पैट्रन डॉ. वेंकटेश थुप्पिली, प्रेसिडेंट डॉ. विजय अग्रवाल, सेक्रेटरी जनरल डॉ. लल्लू जोसेफ, वाइस प्रेसिडेंट्स डॉ. संकर सेनगुप्ता और डॉ. अशोक रत्न, डायग्नोस्टिक डिवीजन की चेयरमैन डॉ. अपर्णा जयराम तथा सेक्रेटरी डॉ. विनिता कोठारी के नेतृत्व में आयोजित इस कॉन्फ्रेंस ने यह स्पष्ट किया कि डायग्नोस्टिक सेवाओं में गुणवत्ता और पेशेंट सेफ्टी अब केवल एक मानक नहीं, बल्कि एक साझा नैतिक जिम्मेदारी है।
कॉन्फ्रेंस के दौरान यह भी उल्लेख किया गया कि क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और काहो के बीच हुआ समझौता ज्ञापन देश में डायग्नोस्टिक सेवाओं की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और मानकीकरण को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह सहयोग आने वाले समय में प्रयोगशालाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और पेशेंट सेफ्टी से जुड़े व्यावहारिक समाधान प्रदान करेगा।
दो दिनों के दौरान आयोजित सभी तकनीकी और विचारात्मक सत्रों—जिनमें पेशेंट सेफ्टी, लैब लीडरशिप, मानसिक स्वास्थ्य, कैंसर डायग्नोस्टिक्स, मॉलिक्यूलर टेस्टिंग, ऑटोमेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ब्लड सेफ्टी, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट और सस्टेनेबल डायग्नोस्टिक इनोवेशन जैसे विषय शामिल रहे, ने यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया कि मजबूत और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं की नींव सटीक और गुणवत्तापूर्ण डायग्नोस्टिक प्रणाली पर ही टिकी है।
समापन के अवसर पर यह भावना स्पष्ट रूप से उभरकर सामने आई कि इंदौर शहर में डायग्नोस्टिक के क्षेत्र में एक सकारात्मक और प्रभावशाली लहर शुरू हो चुकी है। काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 के माध्यम से जो जागरूकता और संवाद स्थापित हुआ है, उसका प्रभाव आने वाले समय में इंदौर, मध्य प्रदेश और देशभर में व्यापक स्तर पर देखने को मिलेगा।
काहो ने एक बार फिर यह दोहराया कि अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर्स के लिए पेशेंट सेफ्टी से जुड़ी ट्रेनिंग आगे भी निःशुल्क प्रदान की जाएगी, ताकि सुरक्षित और भरोसेमंद देखभाल हर स्तर पर सुनिश्चित की जा सके। देशभर से प्राप्त 1600 से अधिक रजिस्ट्रेशन इस बात का प्रमाण हैं कि काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 डायग्नोस्टिक समुदाय के लिए एक मजबूत राष्ट्रीय मंच बन चुका है।
दो दिवसीय काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 का यह समापन एक नई शुरुआत का संकेत है, जो भारत में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मरीज-केंद्रित डायग्नोस्टिक व्यवस्था को भविष्य में और अधिक सशक्त बनाएगा।
