यूनिक हॉस्पिटल में दिव्यांग बच्चों के लिए 30 बेड के निःशुल्क विशिष्ट सेवा वार्ड का लोकार्पण
Spread the love36 वर्षों की सेवा साधना को...
Spread the love36 वर्षों की सेवा साधना को...
Spread the love नई दिल्ली, 07 नवंबर ।...
Spread the loveअनुशासन ही सामान्य सैनिक को असाधारण...
जबलपुर। इस्लाम के पाँच बुनियादी फ़र्ज़ों में रोज़ा भी एक अहम फ़र्ज़ माना जाता है। पवित्र माह Ramadan के दौरान आज Shab-e-Qadr के मुबारक मौके पर 6 साल के मासूम Muhammad Tanzil ने अपना पहला रोज़ा रखकर सबका दिल जीत लिया।
अफ्तार के समय मासूम रोज़ेदार मुहम्मद तंज़ील ने अल्लाह से मुल्क हिंदुस्तान की तरक्की, अमन-ओ-अमान और आपसी भाईचारे के लिए दुआ की और पूरे उत्साह के साथ अपना रोज़ा मुकम्मल किया।
छह वर्षीय मासूम रोज़ेदार मुहम्मद तंज़ील प्यारे साहब और निराले साहब के पोते, Tanzil Eshan के बेटे तथा Takmeel Nasir (एडवोकेट) के भतीजे हैं। परिवार और आसपास के लोगों ने मासूम के जज़्बे की सराहना करते हुए उसे दुआओं और आशीर्वाद से नवाजा।
