Aaj ka Panchang 3 October 2026: पूर्व दिशा में यात्रा करने से बचें, जानिए शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग
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स्मृति ईरानी एक ऐसी शख्सियत हैं जिन्होंने मनोरंजन और राजनीति—दोनों क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। बहुत कम लोग ऐसे होते हैं जिनका सफर इतना व्यापक, गहरा और प्रभावशाली हो। भारतीय टेलीविजन पर अपने यादगार किरदारों से उन्होंने सालों तक दर्शकों के दिलों पर राज किया। क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2.0 में तुलसी के रूप में उनकी वापसी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। यह सिर्फ वापसी नहीं थी, बल्कि ऐसा पल था जिसने दर्शकों को चौंका दिया और लोकप्रिय संस्कृति से उनके मजबूत जुड़ाव को दोबारा साबित किया।
आज भी स्मृति ईरानी वहीं मौजूद रहती हैं जहां अहम बातचीत होती है। चाहे स्क्रीन हो, नेतृत्व के मंच हों या वैश्विक मंच—वह हर जगह उद्देश्य और प्रभाव के साथ अपनी बात रखती हैं। मनोरंजन और नेतृत्व के बीच सहजता से आगे-पीछे आना उनकी खासियत है, जिससे वह अलग-अलग पीढ़ियों को प्रभावित करती हैं और सार्थक बदलाव लाने का काम करती हैं।
उनकी यह सोच टेलीविजन से कहीं आगे तक जाती है। एलायंस फॉर ग्लोबल गुड – जेंडर इक्विटी एंड इक्वैलिटी की संस्थापक और चेयरपर्सन के रूप में स्मृति ईरानी ने महिला समानता की बातचीत को सिर्फ चर्चा तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे ज़मीनी कार्रवाई से जोड़ा। यह एलायंस महिलाओं को सशक्त बनाने को आर्थिक ढांचे और संस्थागत प्रणालियों का हिस्सा बनाता है, ताकि लंबे समय तक विकास और अवसर सुनिश्चित किए जा सकें।
दावोस 2026 में, एलायंस की स्थापना के तीन साल पूरे होने के मौके पर इसका काम WE Lead Lounge के ज़रिए प्रमुख रूप से सामने आया। पहले दिन की मजबूत शुरुआत के बाद, दूसरे दिन भी स्मृति ईरानी ने अपनी प्रभावशाली मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बदलती भूमिका पर बात की और महिलाओं के स्वास्थ्य व स्वच्छता में सम्मान की अहमियत को रेखांकित किया।
इस दौरान उन्होंने केयरनी (Kearney) में हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज़ की ग्लोबल लीड, पाउला बेलोस्तास मुगुएरज़ा से भी मुलाकात की। दोनों ने वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में आ रहे बदलावों पर चर्चा की। बातचीत का केंद्र यह रहा कि समावेशी डेटा, नैतिक नवाचार और मजबूत साझेदारियां कैसे महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं और भविष्य के लिए तैयार हेल्थ सिस्टम बना सकती हैं।
इन अहम बैठकों की झलकियां बाद में उनके कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गईं, जिससे दावोस 2026 में स्मृति ईरानी के दूसरे दिन की गतिविधियों की झांकी देखने को मिली।
https://www.instagram.com/p/DTy3mH5EhQe/
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“इंटेलिजेंस फॉर इन्क्लूज़न: AI के ज़रिए महिलाओं के स्वास्थ्य में बदलाव” सत्र में बोलते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए नैतिक, समावेशी और प्रमाण-आधारित AI बेहद ज़रूरी है। उन्होंने साफ कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में सम्मान कोई विकल्प नहीं, बल्कि बुनियादी ज़रूरत है।
उन्होंने यह भी बताया कि खराब स्वास्थ्य और स्वच्छता सुविधाओं के कारण लाखों महिलाएं शिक्षा, आय और अवसरों से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि महिलाओं की गरिमा को दान या रहम पर नहीं, बल्कि मज़बूत और लागू किए जा सकने वाले नियमों व संस्थागत व्यवस्थाओं के ज़रिए सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
