ओटीटी पर 120 बहादुर ने छोड़ी गहरी छाप, फरहान अख्तर के सच्चे अभिनय को मिला दर्शकों का प्यार
जैसे ही 120 बहादुर की बहुप्रतीक्षित ओटीटी रिलीज़ हुई है, मेजर शैतान सिंह भाटी के रूप में फरहान अख्तर का अभिनय देशभर के दर्शकों को भावनात्मक रूप से गहराई से छू रहा है। त्याग, कर्तव्य और शांत वीरता पर आधारित यह फिल्म अपनी सादगी भरी कहानी और फरहान के भीतर से किए गए अभिनय के लिए खूब चर्चा में है। दर्शक इसे शोर-शराबे या दिखावे वाली फिल्म नहीं मान रहे, बल्कि इसकी भावनात्मक सच्चाई और ईमानदारी की सराहना कर रहे हैं। **120 बहादुर** को एक ऐसी युद्ध फिल्म के रूप में देखा जा रहा है जो तमाशे की बजाय स्मृति और सम्मान को महत्व देती है।
सोशल मीडिया पर दर्शक बता रहे हैं कि यह फिल्म स्क्रीन खत्म होने के बाद भी मन में बनी रहती है। एक यूज़र ने लिखा,
“अभी 120 बहादुर देख रहा हूँ और हर सीन का भार महसूस हो रहा है। #FarhanAkhtar ने मेजर शैतान सिंह भाटी को बहुत शांत ताकत के साथ निभाया है।”
एक अन्य ने लिखा,
“#120Bahadur देख रहा हूँ और यह साफ है कि यह #FarhanAkhtar के सबसे ईमानदार अभिनय में से एक है। वह अभिनय नहीं करते, वह बन जाते हैं 👏।”
इन प्रतिक्रियाओं से साफ है कि दर्शक फरहान के शांत, संयमित और भावनात्मक रूप से संतुलित अभिनय से जुड़ पा रहे हैं, जिससे किरदार अभिनय नहीं बल्कि जीया हुआ लगता है।
फिल्म के युद्ध शैली को सम्मानजनक ढंग से दिखाने की भी खूब सराहना हो रही है। एक ट्वीट में लिखा गया,
“सबसे अच्छी युद्ध फिल्में युद्ध का महिमामंडन नहीं करतीं, वे यादों और बलिदान का सम्मान करती हैं। @FarOutAkhtar इस ज़िम्मेदारी को अच्छी तरह समझते हैं।”
एक और दर्शक ने कहा,
“#120Bahadur देख रहा हूँ, हर सीन में फरहान अख्तर की शांत गंभीरता और भावनात्मक नियंत्रण साफ दिखता है।”
कुछ प्रतिक्रियाएँ दिल से दी गई श्रद्धांजलि जैसी हैं। एक यूज़र ने लिखा,
“@FarOutAkhtar 120 बहादुर में आपका अभिनय असाधारण है। आपने इतनी सच्चाई और संयम के साथ साहस को दिखाया है कि हर फ्रेम सच्चा, प्रभावशाली और भावुक लगता है। आपने हमारे अनसुने नायकों को दिल से श्रद्धांजलि दी है 🇮🇳।”
दर्शक खासकर गणतंत्र दिवस के मौके पर इस फिल्म को देखने की अपील कर रहे हैं। एक उत्साहित प्रतिक्रिया थी,
“कमाल का सीन… सलाम है 🫡 इसे मिस मत करना! 120 बहादुर @PrimeVideoIN पर। सलाम 🫡 @FarOutAkhtar 🙏।”
इन सभी दर्शकों की प्रतिक्रियाएँ दिखाती हैं कि 120 बहादुर को सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक भावनात्मक अनुभव के रूप में अपनाया जा रहा है जो बहादुरी को गरिमा और सादगी के साथ सम्मान देता है और एक बार फिर साबित करता है कि फरहान अख्तर दिखावे से ज़्यादा ज़िम्मेदारी को चुनने वाले अभिनेता हैं।
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