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इंदौर, 20 दिसंबर 2025। प्रतियोगी परीक्षाओं के दौर में जब चयन प्रक्रिया लगातार कठिन और बहुस्तरीय होती जा रही है, ऐसे समय में राष्ट्रीय स्तर की रक्षा परीक्षाओं में सफलता हासिल करना विशेष उपलब्धि मानी जाती है। यह सफलता केवल अंकों तक सीमित नहीं होती, बल्कि विद्यार्थियों की सोच, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और मानसिक मजबूती का प्रमाण होती है। इसी कड़ी में इंदौर के विद्यार्थियों ने आरआईएमसी, एनडीए, सीडीएस, एएफकैट और एसएससी टेक जैसी प्रतिष्ठित रक्षा प्रवेश परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर शहर को गौरवान्वित किया है।
इस अवसर पर माँ ट्यूटोरियल के निदेशक पंकज भट्ट, भारतीय सेना के पूर्व डिप्टी प्रेसिडेंट एस.एस.बी. एवं पूर्व डायरेक्टर—इंडियन आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिसर सेलेक्शन कर्नल एन. के. माथुर तथा भारतीय नौसेना की कमांडर एनी पॉलोस विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाने और उन्हें शुभकामनाएँ देने के लिए उपस्थित रहे। इस दौरान रुद्रेश पाठक और विधि श्रीवास भी विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए मौजूद रहे।कर्नल एन. के. माथुर ने इस अवसर पर रक्षा सेवाओं की चयन प्रक्रिया और प्रभावी तैयारी के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि डिफेंस एग्जाम्स की तैयारी में साइकोलॉजिकल टेस्ट, ग्रुप टेस्ट, फिज़िकल फिटनेस और पर्सनल इंटरव्यू जैसे सभी चरणों की समान रूप से मजबूत तैयारी आवश्यक होती है। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया का हर चरण उम्मीदवार की मानसिक दृढ़ता, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की समझ और अनुशासन को परखता है।श्री भट्ट ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय भारतीय सैन्य कॉलेज (आरआईएमसी) की प्रवेश परीक्षा में माँ ट्यूटोरियल के दो विद्यार्थियों ने देशभर में उत्कृष्ट रैंक हासिल की है। पूरे भारत में मात्र 30 सीटों वाले इस प्रतिष्ठित संस्थान में चयन लिखित परीक्षा, इंटरव्यू और मेडिकल जैसे कई कठिन चरणों के बाद होता है। इस परीक्षा में रोशन जिबिन (पिता—जिबिन जोसेफ) ने ऑल इंडिया रैंक 5 और हार्दिक गुप्ता (पिता—अमित गुप्ता) ने ऑल इंडिया रैंक 11 प्राप्त की है।अन्य रक्षा परीक्षाओं में भी संस्थान के विद्यार्थियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया है। अभिनव सिंह ने सीडीएस में ऑल इंडिया रैंक 89, एएफकैट में ऑल इंडिया रैंक 2 और इंडियन कोस्ट गार्ड में ऑल इंडिया रैंक 3 प्राप्त करते हुए एसएससी टेक में रिकमेंडेशन हासिल किया है। वहीं त्रियंबक यादव (पिता—नितिन यादव) ने एनडीए में ऑल इंडिया रैंक 183 प्राप्त की, जबकि अभ्युदय सिंह (पिता—वृजेंद्र सिंह झाला) एएफकैट में रिकमेंड हुए हैं। ये उपलब्धियाँ इंदौर सहित आसपास के क्षेत्रों में युवाओं के बीच रक्षा सेवाओं के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती हैं।कमांडर एनी पॉलोस ने कहा – आज के युवाओं में देशसेवा के प्रति जो समर्पण और जागरूकता दिखाई दे रही है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि रक्षा सेवाओं में सफलता केवल शारीरिक क्षमता से नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, नेतृत्व गुण, टीम भावना और निर्णय लेने की क्षमता से आती है।
माँ ट्यूटोरियल के निदेशक पंकज भट्ट ने कहा कि ये परिणाम पूरे शहर के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने बताया कि स्पष्ट लक्ष्य, सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास के साथ कोई भी विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने इन उपलब्धियों का श्रेय विद्यार्थियों की मेहनत, अभिभावकों के सहयोग और अनुशासित तैयारी को दिया।
सफल विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि नियमित अभ्यास, निरंतर मूल्यांकन और सकारात्मक माहौल ने उनकी तैयारी को मजबूती दी। रोशन जिबिन, जिन्होंने आरआईएमसी में ऑल इंडिया रैंक 5 प्राप्त की, ने कहा कि परीक्षा की तैयारी में सबसे बड़ी मदद सही दिशा मिलने से हुई। हर स्टेप पर गाइडेंस मिलने से मुझे समझ आता गया कि कहाँ सुधार करना है। हार्दिक गुप्ता ने बताया कि नियमित टेस्ट और लगातार मूल्यांकन से उन्हें अपनी तैयारी को बेहतर बनाने में मदद मिली। त्रियंबक यादव ने कहा कि यहाँ पढ़ाई का माहौल ऐसा है, जहाँ बिना दबाव के लक्ष्य पर फोकस किया जा सकता है। वहीं अभिनव सिंह ने बताया कि मॉक इंटरव्यू और अनुशासित रूटीन से आत्मविश्वास बढ़ा और अपनी कमियों को सुधारने का अवसर मिला।अभिभावकों ने कहा कि इन सफलताओं से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने की उनकी प्रतिबद्धता और भी मजबूत हुई है। इन सफलताओं के माध्यम से शहर के अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
