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इंदौर, : ओरिएंटल यूनिवर्सिटी के इंडियन नॉलेज सिस्टम (IKS) सेल द्वारा गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर “गुरु नानक देव जी के दर्शन” विषय पर एक ज्ञानवर्धक सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में प्रो. (डॉ.) मनमीत सिंह, डीन (FOMC & MS), OUI ने मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए
डॉ. सिंह ने गुरु नानक देव जी के पारिवारिक पृष्ठभूमि, जीवन यात्रा और लगभग 28,000 किमी तक की गई विस्तृत उदासियों (travels) के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने इमली साहिब गुरुद्वारा इंदौर, बेटमा साहिब गुरुद्वारा इंदौर, और ओंकारेश्वर साहिब गुरुद्वारा (इंदौर के निकट) जैसी महत्वपूर्ण स्थलों की यात्राओं पर प्रकाश डाला।
उन्होंने सिख धर्म के तीन मूल स्तंभ – नाम जपना (ईश्वर के नाम का ध्यान), कीरत करनी (ईमानदारी से आजीविका अर्जित करना), और वंड छकना (दूसरों के साथ बाँटना) की व्याख्या की। साथ ही, उन्होंने मूल मंत्र (एक ओंकार, सतनाम, करता पुरख, निरभउ, निरवैर, अकाल मूरत, अजूनी सैभं और गुरु प्रसाद) और जपजी साहिब के पाँच ख़ंडों (धर्म खंड, ज्ञान खंड, सरम खंड, करम खंड, और सच खंड) के बारे में बताया, जो आत्मिक यात्रा को धर्म के अंतिम सत्य की प्राप्ति तक पथ प्रदर्शित करते हैं। अंत में, डॉ. सिंह ने सिख धर्म में महिला सशक्तिकरण, समानता और मानवीय मूल्यों पर दिए गए विशेष महत्व को रेखांकित किया।
इस कार्यक्रम में प्रो-चांसलर डॉ. ध्रुव घई, सभी शैक्षणिक एवं गैर- शैक्षणिक स्टाफ उपस्थित हूए, तथा इस कार्यक्रम का संयोजन रितुराज श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर (FOMC & MS), IKS हेड ने किया तथा इस कार्यक्रम के सह-संयोजक डॉ. नरेंद्र कुमार, सहायक प्रोफेसर (सहायक प्रोफेसर, कृषि विभाग)) थे।
