राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस अंतर्गत भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जन्म जयंती मनाई
राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम मैं सैकड़ो की संख्या में लोग हुए शामिल ….. जनपद सीईओ देवेंद्र बरेडिया
थांदला से विवेक व्यास माधव एक्सप्रेस
थांदला नगर में प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय जनजाति दिवस पर भगवान बिरसा मुंडा की जन्म जयंती धूमधाम से मनाई जिस कार्यक्रम में पधारे जनजाति समाज के कल सिंह भाबर, राजेश वसुनिया, बंटी डामोर, सुनील पांडा, संजय भाबर एवं थांदला के नागरिक एवं गांव के ग्रामीण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए आज स्वतंत्रता सेनानी और आदिवासी नेता भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के उपलक्ष्य में जनजातीय गौरव दिवस मना रहा है। जनजातीय इतिहास को जीवित रखने के महत्व को ध्यान में रखते हुए 15 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया है। समय के साथ यह उत्सव जनजातीय गौरव सप्ताह के रूप में विस्तारित हो गया है, जिसे विभिन्न मंत्रालयों और राज्यों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, प्रदर्शनियों तथा शैक्षिक गतिविधियों के साथ मनाया जाता है जो जनजातीय नायकों की विरासत को जीवंत करते हैं। सरकार द्वारा आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित संग्रहालयों और स्मारकों के विकास पर लगातार ज़ोर दिया है। दस राज्यों में ग्यारह संग्रहालयों को मंज़ूरी दी गई है, जिनमें स्थित भगवान बिरसा मुंडा स्मारक पार्क-सह-संग्रहालय सहित । इसी तरह, आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों पर डिजिटल संग्रहालय आदिवासियों के नाम पर खोलें गए रेलवे विश्वविद्यालय है। इसके अलावा, रेलवे स्टेशन, तांत्या भील विश्वविद्यालय तथा बिरसा मुंडा की मूर्तियाँ जैसे झाबुआ जिले के थांदला पेटलावद और झाबुआ में सार्वजनिक स्थल देश भर में आदिवासी विरासत को समाहित करने के चल रहे प्रयासों को दर्शाते हैं। शनिवार को थांदला में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती धूमधाम से मनाई इस दौरान नगर की पुरानी मंडी से चल समारोह निकाल कर अन्य क्षेत्रों से आदिवासी समाज के युवा अपनी पारंपरिक वेशभूषा और वाघ यंत्र के साथ शामिल हुए सांस्कृतिक आयोजन में ढोल मांदल की थाप पर कुर्राटी भर आदिवासी युवा खूब झूमे कई स्थानों पर चल समारोह का स्वागत किया गया बिरसा मुंडा जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ो की संख्या में लोग उपस्थित हुए और पूरे शहर में भ्रमण करते हुए सूतरेटी रोड नई मंडी में समापन हुआ बिरसा मुंडा जयंती पर उनको नमन किया गया जनपद थांदला के ग्रामीण क्षेत्र और नगर से पधारे सभी जनजाति समाज के जनप्रतिनिधि अतिथियों ने बताया कि भगवान बिरसा मुंडा जी द्वारा किए गए कार्यों को स्मरण करते हुए लोगों के समक्ष उनके संघर्ष की कहानी बताई गई बताया गया कि कैसे उन्होंने बहुत कम उम्र में अंग्रेजों से लोहा लेते हुए देश के लिए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया था यह हुए शामिल कार्यक्रम जनपद शिक्षा केंद्र थांदला जनपद सीईओ वीरेंद्र बड़ेरिया, खंड शिक्षा अधिकारी बी ई ओ दीपेश सोलंकी, महिला बाल विकास थांदला आंगनवाड़ी कार्यकर्ता शिक्षक भी उपस्थित है एव जनपद बाबू और सचिव गण मीडिया प्रभारी विवेकव्यास
