
उज्जैन। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा खरीफ फसल सोयाबीन पर भावांतर योजना की घोषणा के बाद आज उज्जैन जिले के किसानों ने ट्रेक्टर रैली निकालकर आभार व्यक्त किया। बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों के साथ कृषि उपज मंडी प्रांगण में एकत्रित हुए और वहां से शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए रैली दशहरा मैदान पहुंची।

कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इन्दरसिंह परमार, प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, सांसद अनिल फिरोजिया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़, नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, विधायक सतीश मालवीय, डॉ. तेजबहादुर सिंह चौहान, जितेन्द्र पण्ड्या, प्रदेश उपाध्यक्ष बहादुरसिंह चौहान, सभापति कलावती यादव, महापौर मुकेश टटवाल, समाजसेवी नारायण यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष बहादुरसिंह बोरमुंडला, किसान नेता संजय आंजना सिकंदरी सहित सैकड़ों किसान उपस्थित रहे।
किसानों और अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया गया। संबोधन में इन्दरसिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सोयाबीन फसल का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को दिवाली पूर्व मुआवजा दिलाने का काम किया है, साथ ही मंडी विक्रय के अंतर पर भावांतर योजना लागू कर किसानों को आर्थिक मजबूती देने का निर्णय लिया है। गौतम टेटवाल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा जीएसटी में कटौती से किसानों को कृषि यंत्रों और ट्रैक्टरों पर लाखों रुपये की बचत हो रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश धाकड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हितों के लिए समर्पित हैं। उन्होंने किसानों से कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे दुष्प्रचार का जवाब देने की अपील की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने स्थिति समझते ही तत्काल सर्वे के आदेश दिए और मुआवजा जारी कराया।
भावांतर योजना पर कहा गया कि यह योजना किसानों को उनकी उपज के समर्थन मूल्य से कम मूल्य मिलने की स्थिति में अंतर की राशि सीधे उनके खातों में पहुंचाकर आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही है। कार्यक्रम में जिला मीडिया प्रभारी गजेन्द्र परमार ने बताया कि किसानों ने मंच से मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि सोयाबीन फसल चौपट होने के संकट में राहत देना बड़ा कदम है। जिले के गांव-गांव से बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टरों सहित इस धन्यवाद रैली में शामिल हुए।
