इंदौर में राजपूत समाज का शस्त्र पूजन सम्पन्न, दशहरे पर दिखा एकता और उत्साह
प्रगतिशील क्षत्रिय महासभा द्वारा शस्त्र पूजन एवं दशहरा मिलन समारोह सम्पन्न
इंदौर। प्रगतिशील क्षत्रिय महासभा जिला इंदौर द्वारा प्रतिवर्ष की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी शस्त्र पूजन एवं दशहरा मिलन समारोह बड़े उत्साह और गरिमा के साथ राजपूत समाज परिसर सम्पन्न किया गया। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों, महिलाओं और युवा वर्ग की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री गणेश एवं मां दुर्गा की वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात् परंपरागत ढंग से शस्त्र पूजन किया गया। समाजजन अपने-अपने शस्त्र लेकर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा कर विजयदशमी पर्व के महत्व को आत्मसात किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के उपाध्यक्ष विजयसिंह परिहार, प्रगतिशील क्षत्रिय महासभा इंदौर के संरक्षक श्री सुरेशसिंह भदौरिया एवं श्री मोहनसिंह सेंगर,अध्य़क्ष श्री औंकारसिंह भदौरिया, महिला इकाई अध्यक्ष डॅा.दीप्ति सिंह हाड़ा, एकलव्य सिंह गौड़,निरंजनसिंह चौहान सहित सभी पदाधिकारियों ने शस्त्र पूजन कर समाज में संगठन और आत्मबल की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
समारोह में समाज कार्यवाहक अध्यक्ष श्री रामअवतार सिंह पंवार (लल्ले) ,एवं श्री नागेंद्रसिंह , उपाध्यक्ष श्रीमती उषा पंवार,पार्षद राजू सिंह भदौरिया ने अपने उद्बोधन दिए। उन्होंने दशहरे को केवल धार्मिक उत्सव न मानते हुए इसे सामाजिक एकता और आत्मबल का पर्व बताया। यह शस्त्रपूजन शौर्य और परंपरा का प्रतीक भी है। वक्ताओं ने कहा कि लव जिहाद से लेकर भारतीय परपंरा कई मुद्दों को आज जानने की आवश्यकता है। समाज की युवा पीढ़ी अपने राजपूत समाज और शस्त्रपूजा के गौरवशाली इतिहास को याद रखे और संगठन की शक्ति से जुड़े।समारोह में विशेष रूप से श्री चतरसिंह भाटी, श्री राजूसिंह चौहान, श्री हेमेंद्र सिंह जादौन,श्री सुमित सिंह कुशवाह, श्री रमेश सिंह परिहार, श्री मनोहर सिंह चौहान अन्य पदाधिकारियों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने समाज के उत्थान, शिक्षा और सामाजिक सहयोग को सर्वोपरि बताया।महिला प्रकोष्ठ एवं युवा प्रकोष्ठ की सक्रिय भूमिका भी कार्यक्रम में देखने को मिली।
प्रगतिशील क्षत्रिय महासभा का 23वां शस्त्र पूजन एवं दशहरा मिलन समारोह ऐतिहासिक और प्रेरणादायी रहा, जिसने समाज में एकता, सहयोग और संगठन की नई ऊर्जा का संचार किया। समारोह के अंत में उपस्थित जनों ने यह संकल्प लिया कि समाज की परंपराओं को संरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी को संस्कारित और शिक्षित बनाने का निरंतर प्रयास किया जाएगा।
