मुंबई, 31 अगस्त: तनाव, कई पहलुओं वाले किरदार और चुपचाप विरोध की कहानी पर आधारित नेटफ्लिक्स की सीरीज़ सारे जहाँ से अच्छा में अभिनेता अनुप सोनी के लिए एक सीन बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ।
यह कन्फेशन सीन था, जहाँ नौशाद पहली बार अपने अतीत और प्रेरणाओं को सामने लाता है। अनुप सोनी इसे अपने अभिनय सफर का एक अहम मोड़ मानते हैं। उन्होंने कहा, “यह नौशाद के लिए टर्निंग प्वाइंट था। इस सीन में एक बहुत आंतरिक और नाजुक भावनात्मक दुनिया में उतरना पड़ा।” अभिनेता ने बताया कि इस सीन को निभाने का तरीका तय करना आसान नहीं था। “क्या मुझे बहुत रोना चाहिए? क्या मुझे बिल्कुल खाली चेहरा रखना चाहिए? या फिर बीच का रास्ता अपनाना चाहिए? यही दुविधा इसे और खास बना रही थी। बार-बार खुद से पूछ रहा था कि कितनी भावनाएँ ज़्यादा हो जाएँगी। लेकिन शायद यही वजह है कि यह सीन मेरे लिए यादगार बन गया।”
अनुप ने आगे कहा कि भारीपन के बावजूद यह सीन उन्हें बेहद अच्छा अनुभव देकर गया। “यह भावुक था, लेकिन शूट करते समय मज़ा आया।” अभिनेता को उम्मीद है कि दर्शकों ने भी इस सीन को उसकी ईमानदारी और सच्चाई के साथ महसूस किया होगा। “जब कोई किरदार छिपना छोड़ देता है, तो लोग उससे आसानी से जुड़ जाते हैं।”
सारे जहां से अच्छा अब नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग हो रही है!
