पर्युषण महापर्व के पूर्व गुरु भगवंतों की वाणी ( संदेश ) और मेरी लेखनी से
आपके गुणों का विकास हो और अवगुणों का विनाश हो आप इस महापर्व पर्युषण पर्व पर ज़्यादा से ज्यादा जैन धर्म की प्रभावना करे तथा अपनी सम्पति का उपयोग धर्म और साधना के कार्यो में करे ! धर्म लाभ
प.पू.आचार्य विश्वरत्न सागरजी
जैन दर्शन में तीन रत्न है समक्य ज्ञान , सम्यक दर्शन , सम्यक चारित्र पर्युषण पर्व पर आप हम सभी इन तीनों रत्नों की साधना-आराधना करे ! तप, त्याग करके अपने जीवन को सार्थक करे तो पर्युषण मनाना सार्थक हो जायेगा
प.पू.पारस मुनि
साधना भवन स्कीम न. 71
आपस में झगड़ने वाले ख़ुद को और भी बुरी स्थिति में ढकलते है ! इस संसार सागर को पार करने के लिए या तो नमना सीखे ( विनम्र बने ) या खमना सीखे ( क्षमा करें ) इन दोनों तरीको से हम संसार से पार हो सकते है ! अन्यथा डूबना तय है ! पर्युषण के पावन दिनों में हम संसार सागर से पार होना सीखे !
प.पू.गुलाब मुनि जी म. सा.
अणु भवन
कर्मों के दुष्परिणामों ने तीर्थकर परमात्मों को भी नहीं छोड़ा था हम तो साधारण इंसान है इसलिए बहुत सोच समझकर कर्म करना चाहिए , इस महापर्व पर्युषण पर हम ज़्यादा से ज़्यादा तप और ध्यान करके कर्मों की निर्जरा कर अपनी आत्मा का कल्याण करे !
प.पू.मातृहृदया अमितगुणा श्री जी
हाई लिंक सिटी इंदौर
पर्युषण महापर्व दिल की दीवारों को स्वच्छ बनाने आया है , मन के आँगन को निर्मल करने आया है , प्राणी मात्र को प्रेम का पैग़ाम सुनाने आया है । क्रोध , मान, माया , लोभ को विराम दिलाने आया है !
दान , तप,शील , भाव की उपासना के लिए आपके अंदर उत्साह जगाने आया है ! पर्युषण महापर्व के आने वाले दिनों में इन बातों को अपने जीवन में उतारे !
धर्म लाभ
प.पू. चारित्र कला श्री जी
श्रीमन्धर स्वामी मंदिर स्कीम न.71
दोषों का विसर्जन करने का पर्व पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व है , हमारे हज़ार दुश्मन होगे तो चल जाएगा पर हम किसी के दुश्मन ना बने यह पवित्र भावना स्थापित करने का पर्व है इस पर्व की आप सभी को मंगल कामना
प.पू.शुद्धिप्रसन्ना श्री जी
जैन श्वे. नाकोड़ा मंदिर गुमाश्तानगर
पर्युषण पर्व क्षमा , शांति , प्रेम का पर्व है यह कोई ख़ान-पान या मौज मस्ती का पर्व नहीं है ! क्षमा जिसे हम मिच्छामी दुक्कड़म कहते है का अर्थ क्षमा माँगना ही नहीं है , बल्कि मन , वचन , काया से निकलने वाली एक प्रार्थना है ! यह पर्व केवल क्षमापना का ही नहीं है , बल्कि पूरे विश्व में कोई नकारात्मकता का न हो का संदेश देने वाला है ! पर्युषण के इन पावन दिनों में हमारी आत्मा की शुद्धि के साथ-साथ अरिहंत परमात्मा से यह प्रार्थना भी करे की पूरे विश्व में शांति हो , विश्व मैत्री हो और यह पर्व पूरे विश्व के लिए मंगलकारी हो यही शुभकामनाएं !
प.पू.शाश्वत श्री जी
शीतलनाथ जैन मंदिर कलकता
पर्युषण के इन पावन दिनों में हम अपना ज़्यादा से ज्यादा समय प्रभु की भक्ति , नवकार मंत्र का स्मरण और सामयिक करते हुए व्यतीत करे और कम से कम 17 प्रतिक्रमण करने का लक्ष्य इन पवित्र दिनों में जरूर रखें !