Spread the love00 अंतागढ़ के लामकन्हार में सुनी...
रक्षाबंधन के प्यारभरे इस महापर्व पर बहनों ने अपने भाइयों की कलाइयों पर बांधी राखी एवं रक्षा सूत्र
थांदला से विवेक व्यास माधव एक्सप्रेस
थांदला – थांदला ग्रामीण अंचल हो या शहरी अंचल हो रक्षाबंधन के प्यार भरे इस माह पर्व पर
रक्षा बंधन, जिसे राखी भी कहा जाता है, भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के बंधन का त्योहार है। यह त्योहार श्रावण मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है, जहाँ बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, जो उनकी लंबी उम्र और खुशहाली की कामना का प्रतीक है। बदले में, भाई अपनी बहनों को हर खतरे से बचाने का वचन देते हैं। यह त्योहार भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है
वही थांदला नगर में प्रीति व्यास द्वारा अपने भाई को राखी एवं रक्षा सूत्र बांधकर भाई की रक्षा का संकल्प लिया और रेखा डामोर ने पूर्व सरपंच कैलाश डामोर व मंडल अध्यक्ष बंटी डामोर की कलाई पर राखी बांधी और मिठाई खिलाई मछली माता ग्राम पंचायत तरुणा पाटीदार और निशा पाटीदार ने सुनील वसुनिया की कलाई पर एवं रक्षा सूत्र बांधकर मिठाई खिलाई ग्राम पंचायत तथा माथे पर तिलक लगाया परंपरानुसार भाई ने भी अपनी बहन रेखा को उपहार देते हुए उसकी रक्षा का संकल्प लिया रक्षाबंधन का त्योहार भाई बहन के निश्चछल प्रेम के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है शायद यही वजह है कि बहनें इस दिन का इंतजार वर्ष भर करती हैं बहने चाहे ससुराल बसती हों चाहे मायके वे अपने भाई को राखी बांधना नहीं भूलतीं वर्तमान परिवेश में जहां रिश्तों की डोर कमजोर पड़ती जा रही है वहां ऐसे त्योहारों की महत्ता काफी बढ़ गई है त्योहार को लेकर बाजारों में चहल-पहल देखी गई रंग बिरंगी राखियों से सजी दुकानों पर छोटी बच्चियों समेत युवतियों की विशेष भीड़ रही इस पावन मौके पर बहनों को गिफ्ट देने को लेकर युवक व बच्चे भी खरीदारी करते देखे गए मिठाई दुकानों पर काफी भीड़ देखी गयी रक्षाबंधन के दौरान घर घर में बहना ने भाई की कलाई पे प्यार बांधा है, रक्षाबंधन के मौके पर घरों में खुशियां ही खुशियां नजर आई भाइयों की कलाई सजाकर जहां बड़ी बहनों ने दुलार किया वही बड़े भाइयों ने अपनी छोटी बहनों को आशीर्वाद स्वरूप साथ देने का वचन दिया
