न्यायिक एवं गैर न्यायिक कार्य विभाजन को लेकर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को दिया ज्ञापन
नलखेड़ा/माधव एक्सप्रेस/प्रदीप चौबे। न्यायिक एवं गैर न्यायिक कार्य विभाजन को लेकर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।
बुधवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के पूर्व तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों द्वारा मुख्य सचिव के नाम एक ज्ञापन कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को दिया गया।
ज्ञापन में मांग की गई की राजस्व अधिकारियों के न्यायिक और गैर न्यायिक दो वर्गों में विभाजन के संदर्भ में जो निर्देश जारी किए गए हैं उनके क्रियान्वयन से संपूर्ण संवर्ग हतोत्साहित है।
ज्ञापन में बताया गया कि 16 जुलाई को जिला इकाईयों एवं 17 जुलाई को क्रांति कार्यकारिणी ने ज्ञापन देकर इस विभाजन योजना से उत्पन्न होने वाली संरचनात्मक विधिक और व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराया था। इस संबंध में दिए गए मौखिक आश्वासन में कहा गया था कि आगामी तीन माह तक यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मात्र 12 जिलों में लागू की जाएगी। राजस्व न्यायालय को मर्ज नहीं किया जाएगा एवं गैर न्यायिक (कार्यपालिक मजिस्ट्रेट) को आवश्यक संसाधन प्रदान किए जाएंगे। संवर्ग ने अपना विरोध पत्र 20 जुलाई के जरिए स्थगित कर दिया था। किंतु उक्त आश्वासन के विपरीत विभाजन की यह योजना अन्य नौ जिलों जिनमें धार, भिंड, खरगोन, बालाघाट, मंदसौर, देवास कटनी, मंडला एवं रीवा में जिला कलेक्टरों द्वारा लागू की गई है। इनमें राजस्व न्यायालय को मर्ज किया गया है। ज्ञापन में यहां भी बताया गया कि विभाग द्वारा निर्देशों के विपरीत और विचलन में विभाजन कर दिया गया गैर न्याय एक राजस्व अधिकारियों को आवश्यक न्यूनतम स्टाफ और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए।
जिससे व्यथित होकर संवर्ग द्वारा प्रदेश के राजस्व मंत्री को 26 जुलाई को ज्ञापन देकर उक्त संरचनात्मक विधिक और व्यावहारिक समस्याओं से अवगत कराया गया जिसमें राजस्व मंत्री नेवी संवर्ग द्वारा उठाए गए समस्त बिंदुओं से सहमति व्यक्त करते हुए तुरंत कार्यवाही का आश्वासन दिया था लेकिन उसे पर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है इन परिस्थितियों के दृष्टिगत जिला इकाइयों ने प्रांतीय कार्यकारिणी की आपात बैठक आहूत कर बैठक में सर्व सहमति से निर्णय लिए गए की संवर्ग में विभाजन किस योजना के पूर्ण रूप से वापस लेने नहीं तक समस्त राजस्व अधिकारी आपदा प्रबंधन कार्यों को छोड़कर समस्त कार्यों से विरक्त रहते हुए जिला मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगे। और कोई भी सामूहिक अवकाश हड़ताल पर नहीं जाएगा बल्कि सभी राजस्व अधिकारी जिला मुख्यालय पर उपस्थित रहेंगे।
संवर्ग के विभाजन का मुख्य आधार कार्यपालिक दंडाधिकारी के कार्यों का निर्वहन रखा गया है जिसके आधार पर संवर्ग के 45 प्रतिशत अधिकारियों को उनके मूल कार्य राजस्व विभाग से पृथक किया जा रहा है ज्ञापन में मांग की गई की कार्यपालिक दंडाधिकारी की शक्तियां पुलिस विभाग या सामान्य प्रशासन विभाग या किसी भी अन्य विभाग को सौंप दी जाए।
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार कार्यों से हुए विरक्त
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार द्वारा मुख्य सचिव के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपकर बुधवार से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे हैं। सभी अधिकारियों द्वारा अपने शासकीय वाहनों को जिले में जमा कर दिया है एवं अपने डिजिटल सिग्नेचर के डोंगल सील बंद कर एकत्र कर जिला अध्यक्ष को सौंप दिए हैं साथ ही जिले के आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ दिए गए हैं। हड़ताल के दौरान प्रतिदिन शाम 6:00 बजे जिले की स्थापना शाखा में संयुक्त उपस्थिति पत्रक पर हस्ताक्षर कर अपनी उपस्थिति प्रस्तुत करेंगे।
तहसील में आने वाले किसान हो रहे हैं परेशान
तहसीलदार एवं नायब तहसीलदारों की बुधवार से हुई अनश्चितकालीन हड़ताल के चलते तहसील कार्यालय में अपने कार्यों से आने वाले किसानों के कार्य नहीं हो रहे हैं जिसके चलते किसान एवं नागरिक परेशान हो रहे हैं।
