Aaj ka Panchang 11 October 2026: शारदीय नवरात्रि का पहला दिन आज, नोट करें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूरा पंचांग
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बीजिंग, दुनिया में एक ऐसी चाय भी है जिसकी कीमत सुनकर लोग दंग रह जाएंगे। जी हां, हम बात कर रहे है चीन की प्रसिद्ध दा होंग पाओ यानी दाहोंग पाओ चाय की। यह चाय करीब 12 लाख रुपये किलो तक बिकती है और इसे दुनिया की सबसे महंगी चाय माना जाता है। चीन के फुजियान प्रांत के वूई पहाड़ों की घाटियों में उगने वाली यह चाय ऊलोंग किस्म की है, जो अपने अनोखे स्वाद और खुशबू के लिए मशहूर है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके बेहद पुराने ‘मदर प्लांट्स’ हैं जो सैकड़ों साल पुराने हैं। इन पेड़ों की पत्तियां पूरी तरह प्राकृतिक तरीके से उगती हैं और उन्हें बेहद सावधानी से हाथ से तोड़ा जाता है। इसके बाद इन्हें एक खास पारंपरिक प्रक्रिया से सुखाया जाता है जिससे इसका स्वाद और भी गहरा और सुगंधित बन जाता है। 2006 के बाद चीन सरकार ने इन मदर प्लांट्स से पत्तियां तोड़ने पर रोक लगा दी जिससे यह और दुर्लभ हो गई। अब जो दाहोंग पाओ चाय बाजार में मिलती है वह उन पुराने पेड़ों की कलोन से बनाई जाती है, लेकिन फिर भी इसकी कीमत हजारों रुपये किलो तक होती है। दाहोंग पाओ के पीछे एक रोचक कहानी भी जुड़ी है। कहा जाता है कि पुराने जमाने में चीन के सम्राट की मां गंभीर रूप से बीमार पड़ गई थीं और किसी भी दवा से फायदा नहीं हो रहा था। तब एक बौद्ध भिक्षु ने उन्हें यह खास चाय पिलाई। चाय पीने के बाद सम्राट की मां की तबीयत चमत्कारी रूप से ठीक हो गई। इससे खुश होकर सम्राट ने उन चाय के पेड़ों को लाल रंग का चोगा पहनाया और तभी से इसका नाम दाहोंग पाओ यानी बड़ा लाल चोगा पड़ा। पुराने जमाने में यह चाय केवल सम्राट और उनके परिवार के लिए ही रखी जाती थी और आम जनता के लिए यह पूरी तरह निषिद्ध थी। आज भी इसे एक सांस्कृतिक धरोहर माना जाता है। दाहोंग पाओ सिर्फ एक चाय नहीं बल्कि विलासिता, परंपरा और इतिहास की निशानी है। इसकी दुर्लभता और विशेष उत्पादन प्रक्रिया इसे और भी कीमती बना देती है। कुछ होटलों और खास चाय समारोहों में इसकी सीमित मात्रा में ही सर्विंग होती है और वहां भी एक चम्मच चाय के लिए हजारों रुपये तक वसूले जाते हैं।
