– तकनीकों के प्रयोग के साथ साइबर सिक्योरिटी के लिए क्वांटम टेक्नोलॉजी के महत्व पर चर्चा
इंदौर, इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को मध्य प्रदेश ग्रोथ कॉनक्लेव 2025 का शुरुआत हो गई है। कॉनक्लेव में “शहरी उत्कृष्टता के लिए आधुनिक तकनीक विषय” इंटरग्रेटिंग टेक्नोलॉजी फार अर्बन एक्सीलेंस विषय पर सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें शहरी विकास में आधुनिक तकनीकों जैसे एआई, आईओटी, क्वांटम तकनीकों के प्रयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।
सत्र में बीआईएसएजी-एन के स्पेशल डायरेक्टर जनरल विनय ठाकुर ने बताया कि शहरी क्षेत्र में उत्कृष्ट अवसंरचना के विकास के लिए आधुनिक तकनीक के एकीकरण से नागरिकों के पक्ष में उपयोग किया जाए, जिसमें परिवहन सुविधा , स्मार्ट पुलिसिंग, जिओ टैगिंग कर रेरा नियामकों की मॉनिटरिंग, एआई टूल का मैनेजमेंट के संबंध में बताया गया। सत्र में एनआईसीएसआई के मैनेजिंग डायरेक्टर आर. के. मिश्रा ने बताया कि आधुनिक तकनीक के समायोजन के लिए भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एनआईसीएसआई के द्वारा शहरी विकास के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।
दक्षिण एशिया बेंटली सिस्टम के रीजनल एग्जीक्यूटिव कमलाकन्नन थीरुवादी ने कहा कि देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में ग्रोथ कॉनक्लेव का आयोजन होना सुखद हैं। उन्होंने कहा कि शहरी अवसंरचना में आधुनिक तकनीक के समायोजन में डिजिटल ट्विन जिसमें रियल टाइम में डेटा का उपयोग करके उसके व्यवहार के अनुकरण के आधार पर एनालिसस कर कार्ययोजना बनाया जाना आवश्यक हैं। जिससे कई समस्याओं के समाधान के लिए उपलब्ध डाटा का प्रयोग कर रियल टाइम एनालिसिस कर समग्र रूप से समाधान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। मध्य प्रदेश में कई संगठन ऐसे है जो रियल टाइम डाटा का उपयोग कर प्रबंधन का कार्य कर रहे है। जो भविष्य के लिए सहायक सिद्ध होंगे।
क्विक हिल के सीटीओ आशीष प्रधान ने बताया कि टेक्नोलॉजी के प्रयोग के साथ साथ आवश्यक है कि भविष्य के संभावनाओं और साइबर सिक्योरिटी को ध्यान रखते हुए ऐसा मजबूत गवर्नेंस मॉडल विकसित किया जाए जिससे नागरिकों के डाटा एवं जानकारियों को सुरक्षित किया जा सके और साइबर युद्ध जैसी परिस्थितियों में भी सुरक्षित रूप से कार्य कर सकें। एएमएनईएक्स के हेड शामिक जोशी ने बताया कि शहरी विकास में कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है जिसमें इंटरनेट ऑफ थिंग्स के प्रयोग से यातायात की समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। इसके साथ ही नागरिकों के दैनिक जीवन को आसान बनाया जा सकता है प्रशासन के स्तर पर भी सुविधा उपलब्ध हो सकती हैं। उनके द्वारा मुंबई शहर में सीमलेस टिकटिंग और बेंगलुरु में द्रुत मॉडल के संबंध में विस्तृत रूप से बताया गया।
सीएसटेक एआई के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अभय किम्मटकर ने कहा कि शहरी क्षेत्र में सामान्य सुविधाओं के लिए अवसंरचनात्मक विकास में तकनीकों का समायोजन आवश्यक हैं। जिसके लिए आवश्यक है कि आज से 50 वर्ष बाद के समय को ध्यान रखते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। जिसके शहरी क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए कार्य किया जाए। जैसे जल वितरण के क्षेत्र में सेंसर का प्रयोग कर पानी के वितरण, वितरित पानी का शुद्धता के पैरामीटर, आदि की मॉनिटरिंग की जा सके।
गूगल क्लाउड इंडिया के सोल्यूशन आर्किटेक्ट प्रवीण दवे ने कहा कि शहरी विकास, नियोजन, सम्पत्ति मूल्यांकन आदि के लिए एक एकीकृत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाए जिससे डिजिटलीकरण में आसानी हो , त्वरित परिणाम प्राप्त हो , प्रशासन की क्षमतावर्धन हो और नागरिकों को सुविधा उपलब्ध हो सके। एकीकृत डिजिटल फ्रेमवर्क के विकास से त्वरित परिणाम प्राप्त होने से उद्देश्य की प्राप्ति हो सकेगी।
प्रोटीन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट श्रीजीत नायर ने कहा कि नागरिकों के डाटा शेयरिंग के लिए अनुमति आधारित डिजिटल स्ट्रक्चर बनाया जाए। जिससे नागरिकों को भी जानकारी हो की वे अपना डाटा किसे शेयर कर रहे है। साथ ही विभिन्न एप्लिकेशन पर फीडबैक लिया जाए जिससे शहरी प्रशासन में पारदर्शिता एवं किसी समस्या पर एक्शन टेकिंग को आसान कर सके।
इसके अलावा सत्र में साइबर सिक्योरिटी को अधिक मजबूत बनाने के लिए क्वांटम टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ाए जाने पर जोर दिया गया। सत्र में बताया गया कि क्वांटम टेक्नोलॉजी नेक्स्ट जनरेशन की तकनीक है, जिसके लिए भारत सरकार द्वारा क्वांटम मिशन संचालित किया जा रहा है । क्वांटम टेक्नोलॉजी के माध्यम से डिजिटल डाटा की सुरक्षा आसानी से की जा सकती है एवं मजबूत सिस्टम बनाया जा सकता है।
